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Agra News: फर्जी फर्म से लेनदेन दिखा ले ली 18 करोड़ की आईटीसी, प्राथमिकी दर्ज
Fri, 05 Dec 2025 02:46 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 05 Dec 2025 02:46 AM IST
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आगरा। थाना लोहामंडी में राज्य कर विभाग के खंड अधिकारी ने फर्म पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दिखाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि मूनलाइट ट्रेडर्स नाम से रजिस्टर्ड फर्म की जांच में स्पष्ट हुआ कि फर्म ने भारी भरकम टैक्सेबल वैल्यू दिखाकर आईटीसी का लाभ लिया, जबकि वास्तविकता में कारोबार अस्तित्व हुआ ही नहीं है। फर्म का पता भी ढूंढने पर सही नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राज्य कर विभाग के खंड अधिकारी भरत लाल वर्मा के अनुसार, जीएसटी पोर्टल पर दर्ज इस फर्म की गतिविधियों की जांच में आपूर्ति किए बिना बड़ी मात्रा में फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर फायदा उठाते हुए सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया। 2024-25 में फर्जी लेनदेन 19 करोड़ 25 लाख की आउटवर्ड सप्लाई दिखाई और तीन करोड़ 46 लाख से अधिक का आईटीसी क्लेम लिया। जबकि जांच में पाया गया कि इस वर्ष में किसी भी फर्म से वास्तविक आपूर्ति नहीं हुई।
इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में और बड़ा घोटाला करते हुए फर्म ने 85 करोड़ 92 लाख से ज्यादा की आउटवर्ड सप्लाई दिखाई और 15 करोड़ 46 लाख का लाभ लिया। जांच में फर्म संचालक अनिल कुमार के किसी से माल खरीदने की पुष्टि नहीं हुई। दो साल में फर्म ने 105 करोड़ से अधिक की फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दिखा 18 करोड़ से अधिक के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा उठाया। उनके द्वारा 40 से अधिक फर्मों से फर्जी लेनदेन दिखाया।
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कंपनी ने कोई परिवहन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया। उनके द्वारा दर्शाया गया कोई भुगतान और लेनदेन मेल नहीं खाता है। फर्म मालिक का एमजी रोड स्थित पता पर कार्यालय नहीं मिला। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी बंद मिला है। विभाग ने फर्म का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया है। इंस्पेक्टर लोहामंडी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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राज्य कर विभाग के खंड अधिकारी भरत लाल वर्मा के अनुसार, जीएसटी पोर्टल पर दर्ज इस फर्म की गतिविधियों की जांच में आपूर्ति किए बिना बड़ी मात्रा में फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर फायदा उठाते हुए सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया। 2024-25 में फर्जी लेनदेन 19 करोड़ 25 लाख की आउटवर्ड सप्लाई दिखाई और तीन करोड़ 46 लाख से अधिक का आईटीसी क्लेम लिया। जबकि जांच में पाया गया कि इस वर्ष में किसी भी फर्म से वास्तविक आपूर्ति नहीं हुई।
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इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में और बड़ा घोटाला करते हुए फर्म ने 85 करोड़ 92 लाख से ज्यादा की आउटवर्ड सप्लाई दिखाई और 15 करोड़ 46 लाख का लाभ लिया। जांच में फर्म संचालक अनिल कुमार के किसी से माल खरीदने की पुष्टि नहीं हुई। दो साल में फर्म ने 105 करोड़ से अधिक की फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दिखा 18 करोड़ से अधिक के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा उठाया। उनके द्वारा 40 से अधिक फर्मों से फर्जी लेनदेन दिखाया।
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कंपनी ने कोई परिवहन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया। उनके द्वारा दर्शाया गया कोई भुगतान और लेनदेन मेल नहीं खाता है। फर्म मालिक का एमजी रोड स्थित पता पर कार्यालय नहीं मिला। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी बंद मिला है। विभाग ने फर्म का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया है। इंस्पेक्टर लोहामंडी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।