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Agra News: बोगस फर्म बनाकर 18 करोड़ की आईटीसी की चोरी

Thu, 15 Jan 2026 02:45 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jan 2026 02:45 AM IST
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ITC worth Rs 18 crore stolen by creating a bogus firm
आगरा। बोगस फर्म बनाकर आईटीसी की चोरी का एक और मामला लोहामंडी थाने में दर्ज किया गया है। इस बार एक फर्म संचालक ने पंजीयन के बाद वर्ष 2017-18 में दो फर्मों से खरीद दिखाई। 99 करोड़ से अधिक का लेन-देन दर्शाया। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद फर्म का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। आरोप है कि फर्जी फर्म बनाकर 18 करोड़ के आईटीसी की चोरी की गई।
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उपायुक्त राज्य कर खंड-12 अशोक कुमार सिंह ने थाना लोहामंडी में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें एसके ट्रेडर्स के स्वामी सुरेश कुमार चादर को नामजद किया। उनकी फर्म अमरपुरा, जगदीशपुरा के पते पर थी। अशोक कुमार सिंह ने बताया कि फर्म के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेज की जांच की गई तो सामने आया कि विभिन्न सामान की खरीद के लिए 27 सितंबर 2017 को फर्म का पंजीकरण कराया गया था।
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इसमें सुरेश कुमार ने अपना पता छतरपुर, मध्य प्रदेश का दिया। इसके साथ ही अपनी फोटो, किरायानामा, रजिस्ट्री की काॅपी और बैंक स्टेटमेंट दिए थे। इस पर 27 सितंबर को पंजीयन जारी कर दिया गया। 11 दिसंबर 2018 को प्रतिकूल तथ्यों के आधार पर व्यापारी का पंजीयन निरस्त कर दिया गया।
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इस अवधि में व्यापारी ने दो फर्म से खरीद की। इसमें एक अजमेर की राधे इंटरनेशनल से 9.48 करोड़ की आईटीसी क्लेम की गई जबकि यह फर्म फर्जी पाई गई थी। इस फर्म का पंजीयन 20 नवंबर 2019 को निरस्त हो चुका था। इसी तरह गाजियाबाद की शिव ओम इंटरप्राइजेज से रुपये 3.20 करोड़ के आईटीसी के लिए क्लेम किया गया। इसका भी पंजीयन 26 दिसंबर 2018 को निरस्त कर दिया गया। इस फर्म से कोई खरीद नहीं हुई थी।
व्यापारी ने वास्तविक खरीद किए बिना मात्र प्रपत्रों का आदान-प्रदान करके बोगस आईटीसी का लाभ लिया गया। इस तरह व्यापारी ने वर्ष 2017-18 में 99 करोड़ से अधिक का टर्नओवर दिखाया। इसके बाद देय कर 18.34 करोड़ दिखाया। ऐसी फर्मों को सप्लाई की गई, जिनके पंजीयन प्रतिकूल आधार पर जीएसटी विभाग ने निरस्त किए थे। फर्म पर 36.68 करोड़ विभाग का बकाया है। 18.34 करोड़ की बोगस आईटीसी पास ऑन की गई।

एसीपी लोहामंडी गाैरव सिंह ने बताया कि मामले में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
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