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Agra News: अभ्युदय योजना में घपला, कोऑर्डिनेटर पर भ्रष्टाचार के आरोप

Fri, 19 Jun 2026 02:35 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Fri, 19 Jun 2026 02:35 AM IST
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Irregularities in Abhyudaya Scheme; Coordinator Accused of Corruption
आगरा। मुख्यमंत्री की आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों को सिविल सेवा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए चलाई जा रही अभ्युदय योजना के कोऑर्डिनेटर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। समाज कल्याण निदेशालय से इसकी जांच मंडलीय उप निदेशक को सौंपी है।
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कोऑर्डिनेटर सचिन पर अतिथि प्रवक्ताओं के चयन, चुनिंदा प्रवक्ताओं के व्याख्यान दिलवाने, छुट्टी के दिन व्याख्यान में हाजिरी दर्शाकर फर्जी भुगतान और उनसे अधिक लेक्चर दिलाने के नाम पर भुगतान की आधी राशि वसूलने के आरोप हैं। पिछले महीने सिकंदरा निवासी प्रदीप कर्दम और खेरागढ़ भिलावली निवासी दीपक सिंह ने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि प्रवक्ताओं को केवल एक विषय पढ़ाने की अनुमति है। विशेष परिस्थिति में वह एक से अधिक विषय के व्याख्यान दे सकता है। मगर प्रवक्ता रंजीत और सरफराज खान से एक से अधिक विषय पढ़वाई गई, वो भी ऐसी जिनके लिए उनका चयन नहीं हुआ।
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आरोप लगाया कि रंजीत ने राजनीतिक शास्त्र एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध के व्याख्यान देने के लिए आवेदन किया था। मगर उन्होंने राजनीतिक शास्त्र, करंट अफेयर्स, अंतरराष्ट्रीय संबंध और उत्तर प्रदेश स्पेशल के साथ ही एसएससी की कक्षाओं में व्याख्यान दिए। इसी तरह सरफराज खान का चयन केवल भूगोल के लिए आवेदन हुआ था लेकिन उनसे भूगोल, करंट अफेयर्स और उत्तर प्रदेश स्पेशल के व्याख्यान दिलवाए गए।
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वहीं जेईई के लिए आवेदन करने वाले दीपक प्रताप से मानकों के खिलाफ सिविल सेवा कक्षाओं में व्याख्यान दिलवाए गए। जबकि वह यूपीएससी और यूपीपीएससी की पूर्ण शैक्षणिकता नहीं रखते हैं। सचिन पर आरोप है कि उन्होंने बीते सत्र में प्रवक्ताओं के 200 से अधिक फर्जी लेक्चर दर्ज कराकर भुगतान कराया। वहीं छुट्टी के दिनों में भी बिना लेक्चर हुए हाजिरी दर्ज कराकर फर्जी भुगतान कराए। इन फर्जी भुगतान के एवज में प्रवक्ताओं से 50 प्रतिशत राशि की वसूली की। इसके अलावा उन्होंने कुछ प्रवक्ताओं से एक माह में 30 से ज्यादा कक्षाओं में व्याख्यान दिलवाए, जो गाइडलाइन के विरुद्ध है।

आरोपों की हो रही जांच


निदेशालय से कोऑर्डिनेटर की जांच के आदेश आए हैं। उन पर लगाए आरोपों की जांच की जा रही है। नियम विरुद्ध कार्य मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - नागेंद्र पाल सिंह, प्रभारी उप निदेशक, समाज कल्याण
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