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एसएसपी ने बताई आईपीएस बनने के पीछे की दिलचस्प कहानी, स्टूडेंट्स को दिया सफलता का मंत्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 24 Jun 2018 07:58 AM IST
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आईपीएस प्रभाकर चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला और बीएसए इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर से शनिवार को आयोजित सम्मान समारोह में मथुरा के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने छात्र-छात्राओं को सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने अपने आईपीएस बनने के पीछे दिलचस्प कहानी भी बतायी।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि वो केमिस्ट्री का लेक्चरर बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने आईपीएस बना दिया। वो प्रतिदिन पांच से छह घंटे ही पढ़ा करते थे। एनसीईआरटी की कोई बुक्स ऐसी हो जो न पढ़ी हो।
उन्हें पढ़ने की रुचि बचपन से थी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 76 प्रतिशत अंक ही प्राप्त किए तो इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी 61 प्रतिशत अंकों से क्लीयर की। एक ही बार में सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर आईपीएस बन गए।
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एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि वो केमिस्ट्री का लेक्चरर बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने आईपीएस बना दिया। वो प्रतिदिन पांच से छह घंटे ही पढ़ा करते थे। एनसीईआरटी की कोई बुक्स ऐसी हो जो न पढ़ी हो।
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उन्हें पढ़ने की रुचि बचपन से थी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 76 प्रतिशत अंक ही प्राप्त किए तो इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी 61 प्रतिशत अंकों से क्लीयर की। एक ही बार में सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर आईपीएस बन गए।
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स्टूडेंट्स को दिया सफलता का मंत्र
छात्र-छात्राओं को सफलता का मंत्र देते हुए एसएसपी ने कहा कि पढ़ाई हो या फिर नौकरी। ईमानदारी से किए गए कार्य में सफलता जरूर मिलती है। एसएसपी ने छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए।
छात्र नितिन अग्रवाल ने कोचिंग को लेकर सवाल किया तो एसएसपी ने बताया कि कोचिंग की जरूरत उन्हें नहीं पड़ी। केवल बेसिक मजबूत होगा तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
छात्रा सौम्या ने साक्षात्कार पर सवाल किया। इस पर आईपीएस प्रभाकर चौधरी ने कहा कि साक्षात्कार केवल परसनेल्टी टेस्ट होता है। इसमें आपका ज्ञान नहीं परखा जाता।
एक छात्र ने सिविल सर्विसेज में विषय पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वो साइंस के छात्र थे, लेकिन सिविल सर्विसेज की तैयारियों में इतिहास, भूगोल विषय लेने पड़े। इसके लिए उन्होंने सामाजिक नॉलेज बढ़ाने पर जोर दिया।
छात्र नितिन अग्रवाल ने कोचिंग को लेकर सवाल किया तो एसएसपी ने बताया कि कोचिंग की जरूरत उन्हें नहीं पड़ी। केवल बेसिक मजबूत होगा तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
छात्रा सौम्या ने साक्षात्कार पर सवाल किया। इस पर आईपीएस प्रभाकर चौधरी ने कहा कि साक्षात्कार केवल परसनेल्टी टेस्ट होता है। इसमें आपका ज्ञान नहीं परखा जाता।
एक छात्र ने सिविल सर्विसेज में विषय पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वो साइंस के छात्र थे, लेकिन सिविल सर्विसेज की तैयारियों में इतिहास, भूगोल विषय लेने पड़े। इसके लिए उन्होंने सामाजिक नॉलेज बढ़ाने पर जोर दिया।