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डराने वाले आंकड़े: एक दिन में 16 महिलाएं हो रहीं उत्पीड़न का शिकार, छेड़छाड़-मारपीट की सर्वाधिक घटनाएं
Mon, 08 Mar 2021 05:48 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 08 Mar 2021 05:48 AM IST
सार
आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। हर मंच से महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें आगे बढ़ाने के दावे जोरशोर से किए जाएंगे। इसके बीच आगरा में उत्पीड़न के आंकड़े न सिर्फ डराने वाले हैं, बल्कि महिलाओं की स्थिति को लेकर किए जा रहे तमाम दावों की पोल भी खोल रहे हैं। आज हमें संकल्प लेना होगा कि अगले महिला दिवस तक यह तस्वीर सुधरे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
ताजनगरी में महिलाओं और लड़कियों के साथ छेड़छाड़ ही नहीं, मारपीट, घरेलू हिंसा के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। हर रोज करीब 16 महिलाओं का उत्पीड़न होता है। यह हम नहीं कह रहे थानों में दर्ज आंकड़े कह रहे हैं। पिछले 135 दिन में थानों में बनीं महिला हेल्प डेस्क पर 2152 शिकायतें दर्ज की गईं। इस तरह से औसतन एक दिन में तकरीबन 16 महिलाएं-लड़कियां उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। स्थिति इससे भी ज्यादा डरावनी हैं क्योंकि कई मामले तो थानों तक पहुंच भी नहीं पाते।
पुलिस से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिले के तकरीबन 42 थानों में 24 अक्तूबर 2020 में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई थीं। इनमें महिला पुलिसकर्मी महिलाओं, युवतियों और किशोरियों की शिकायतें सुनती हैं। महिलाओं की शिकायत सुनने के बाद पर्ची दी जाती है।
जांच के बाद मुकदमा और रिपोर्ट दर्ज की जाती है। पिछले 135 दिन के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2152 शिकायत महिला हेल्प डेस्क पर आईं हैं। इनमें 1800 में समाधान के लिए पर्ची दी गई। 388 मुकदमे दर्ज किए गए। 289 रिपोर्ट (एनसीआर) दर्ज की गईं। बाकी को या तो परामर्श केंद्र भेजा गया, या फिर समझौता होने पर पीड़िताओं ने शिकायत वापस ले ली।
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पुलिस से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिले के तकरीबन 42 थानों में 24 अक्तूबर 2020 में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई थीं। इनमें महिला पुलिसकर्मी महिलाओं, युवतियों और किशोरियों की शिकायतें सुनती हैं। महिलाओं की शिकायत सुनने के बाद पर्ची दी जाती है।
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जांच के बाद मुकदमा और रिपोर्ट दर्ज की जाती है। पिछले 135 दिन के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2152 शिकायत महिला हेल्प डेस्क पर आईं हैं। इनमें 1800 में समाधान के लिए पर्ची दी गई। 388 मुकदमे दर्ज किए गए। 289 रिपोर्ट (एनसीआर) दर्ज की गईं। बाकी को या तो परामर्श केंद्र भेजा गया, या फिर समझौता होने पर पीड़िताओं ने शिकायत वापस ले ली।
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सभी शिकायतों की जांच कर कार्रवाई
थानों में स्थापित महिला हेल्प डेस्क पर पीड़ित महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई के लिए महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। डेस्क पर पीड़ित महिलाओं के बैठने के लिए उचित व्यवस्था की गई है। सभी तरह की शिकायत पर जांच कर कार्रवाई की जाती है। आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जाती है। महिला हेल्प डेस्क पर 2152 शिकायतें दर्ज की गईं। इनका समाधान किया गया। - बबलू कुमार, एसएसपी
जगदीशपुरा, टेढ़ी बगिया सहित आठ इलाकों में छेड़छाड़ ज्यादा
आगरा के आठ इलाकों (टेढ़ी बगिया, यमुना ब्रिज, जगदीशपुरा, नरीपुरा, कालिंदी विहार, रामबाग, एत्माद्दौला, विद्या नगर) में छेड़छाड़ के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। चाइल्ड लाइन की समन्वयक रितु वर्मा ने बताया कि एनजीओ के हेल्पलाइन नंबर पर पिछले छह महीने में 250 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 100 शिकायतें सिर्फ मनचलों से परेशान किशोरियों और बालिकाओं की थीं।
इन शिकायतों पर बालिकाओं और किशोरियों की काउंसिलिंग की गई। इसमें पता चला कि कभी स्कूल तो कभी घर से बाजार आते-जाते लड़कियों को परेशान किया जाता है। इस पर पीड़ित लड़कियों को बताया गया कि मनचलों की शिकायत कैसे करें। पुलिस से किस तरह मदद ली जा सकती है। सबसे ज्यादा शिकायतें टेढ़ी बगिया, यमुना ब्रिज, जगदीशपुरा, नरीपुरा, कालिंदी विहार, रामबाग, एत्माद्दौला, विद्या नगर की थीं। यह इलाके एत्माद्दौला, शाहगंज और जगदीशपुरा थाना में आते हैं। पुलिस अधिकारियों को पीड़िताओं की शिकायतों से भी अवगत कराया जा चुका है।
थानों में स्थापित महिला हेल्प डेस्क पर पीड़ित महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई के लिए महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। डेस्क पर पीड़ित महिलाओं के बैठने के लिए उचित व्यवस्था की गई है। सभी तरह की शिकायत पर जांच कर कार्रवाई की जाती है। आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जाती है। महिला हेल्प डेस्क पर 2152 शिकायतें दर्ज की गईं। इनका समाधान किया गया। - बबलू कुमार, एसएसपी
जगदीशपुरा, टेढ़ी बगिया सहित आठ इलाकों में छेड़छाड़ ज्यादा
आगरा के आठ इलाकों (टेढ़ी बगिया, यमुना ब्रिज, जगदीशपुरा, नरीपुरा, कालिंदी विहार, रामबाग, एत्माद्दौला, विद्या नगर) में छेड़छाड़ के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। चाइल्ड लाइन की समन्वयक रितु वर्मा ने बताया कि एनजीओ के हेल्पलाइन नंबर पर पिछले छह महीने में 250 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 100 शिकायतें सिर्फ मनचलों से परेशान किशोरियों और बालिकाओं की थीं।
इन शिकायतों पर बालिकाओं और किशोरियों की काउंसिलिंग की गई। इसमें पता चला कि कभी स्कूल तो कभी घर से बाजार आते-जाते लड़कियों को परेशान किया जाता है। इस पर पीड़ित लड़कियों को बताया गया कि मनचलों की शिकायत कैसे करें। पुलिस से किस तरह मदद ली जा सकती है। सबसे ज्यादा शिकायतें टेढ़ी बगिया, यमुना ब्रिज, जगदीशपुरा, नरीपुरा, कालिंदी विहार, रामबाग, एत्माद्दौला, विद्या नगर की थीं। यह इलाके एत्माद्दौला, शाहगंज और जगदीशपुरा थाना में आते हैं। पुलिस अधिकारियों को पीड़िताओं की शिकायतों से भी अवगत कराया जा चुका है।
महिला हेल्प डेस्क के उद्घाटन पर दर्ज शिकायत का अब तक समाधान नहीं
जगदीशपुरा क्षेत्र की महिला का आरोप है कि थाना हरीपर्वत में पहली महिला हेल्प डेस्क के उद्घाटन पर तत्कालीन एडीजी के सामने पति से गुजारा-भत्ता दिलाने की गुहार लगाई। मगर, 135 दिन बाद भी शिकायत का समाधान नहीं हुआ। महिला की शादी को 22 साल हो चुके हैं। वह पति की दूसरी पत्नी हैं। उनके एक बेटा और दो बेटी हैं।
महिला का आरोप है कि पति के तीन साल पहले एक और महिला से संबंध हो गए। छह महीने पहले उन्हें पता चला। विरोध किया तो पति ने मारपीट कर दी। छोड़कर चला गया है। घर खर्च के लिए वह पति से गुजारा भत्ता मांग रही हैं, लेकिन वो मिल नहीं रहा। 24 अक्तूबर 2020 को हरीपर्वत में महिला हेल्प डेस्क का उद्घाटन करने तत्कालीन एडीजी अजय आनंद आए थे। वो भी अपनी शिकायत लेकर पहुंची थीं। एडीजी ने एसपी सिटी से शिकायत निस्तारण के आदेश दिए।
महिला हेल्प डेस्क और अधिकारियों के दफ्तर के लगातार चक्कर काटने पर भी न तो पति पर कार्रवाई हुई और न ही गुजारा भत्ता दिलाने के लिए कोई कार्रवाई की। सीओ लोहामंडी रितेश कुुमार सिंह का कहना है कि मामले में पति-पत्नी को बैठाकर काउंसिलिंग की गई थी। पति घर खर्च देने के लिए तैयार हो गया था। इसके बाद शिकायत करने कोई नहीं आया।
जगदीशपुरा क्षेत्र की महिला का आरोप है कि थाना हरीपर्वत में पहली महिला हेल्प डेस्क के उद्घाटन पर तत्कालीन एडीजी के सामने पति से गुजारा-भत्ता दिलाने की गुहार लगाई। मगर, 135 दिन बाद भी शिकायत का समाधान नहीं हुआ। महिला की शादी को 22 साल हो चुके हैं। वह पति की दूसरी पत्नी हैं। उनके एक बेटा और दो बेटी हैं।
महिला का आरोप है कि पति के तीन साल पहले एक और महिला से संबंध हो गए। छह महीने पहले उन्हें पता चला। विरोध किया तो पति ने मारपीट कर दी। छोड़कर चला गया है। घर खर्च के लिए वह पति से गुजारा भत्ता मांग रही हैं, लेकिन वो मिल नहीं रहा। 24 अक्तूबर 2020 को हरीपर्वत में महिला हेल्प डेस्क का उद्घाटन करने तत्कालीन एडीजी अजय आनंद आए थे। वो भी अपनी शिकायत लेकर पहुंची थीं। एडीजी ने एसपी सिटी से शिकायत निस्तारण के आदेश दिए।
महिला हेल्प डेस्क और अधिकारियों के दफ्तर के लगातार चक्कर काटने पर भी न तो पति पर कार्रवाई हुई और न ही गुजारा भत्ता दिलाने के लिए कोई कार्रवाई की। सीओ लोहामंडी रितेश कुुमार सिंह का कहना है कि मामले में पति-पत्नी को बैठाकर काउंसिलिंग की गई थी। पति घर खर्च देने के लिए तैयार हो गया था। इसके बाद शिकायत करने कोई नहीं आया।
जिले के तीन सर्वाधिक शिकायत वाले थाने
थाना शिकायतें मुकदमे एनसीआर
जगदीशपुरा 150 16 09
खंदौली 140 09 07
नाई की मंडी 50 02 08
थाना शिकायतें मुकदमे एनसीआर
जगदीशपुरा 150 16 09
खंदौली 140 09 07
नाई की मंडी 50 02 08