{"_id":"6222004eb162ad05b162d016","slug":"international-women-s-day-agra-athlete-manisha-kushawah-struggle-story","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा की शक्ति: चंबल के बीहड़ में दौड़कर मनीषा बनीं एथलीट, ओलंपिक में पदक जीतने का है सपना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा की शक्ति: चंबल के बीहड़ में दौड़कर मनीषा बनीं एथलीट, ओलंपिक में पदक जीतने का है सपना
Sat, 05 Mar 2022 12:33 AM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 05 Mar 2022 12:33 AM IST
सार
आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। ताजनगरी में ऐसी कई महिलाएं है जिन्होंने अपने संघर्ष की बदौलत नई पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अमर उजाला 'आगरा की शक्ति' का परिचय करा रहा है।
विज्ञापन
एथलीट मनीषा सिंह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा जिले में खेती और चंबल के बीहड़ों में दौड़कर मनीषा ने एथलीट बनने का सपना पूरा किया। अब वह स्वर्ण पदक के लिए ट्रैक पर दौड़ती हैं। बाह के गांव गोपालपुरा निवासी मनीषा कुशवाह ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में पदक जीते हैं। इन दिनों वह पटियाला के स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सेंटर में प्रशिक्षण ले रही हैं।
विज्ञापन
मनीषा के माता-पिता कमलेश और मुरारीलाल किसान हैं। खेत में फसल की कटाई, निराई करने में उनको भी सहायता करनी पड़ती है। खेतों और चंबल के पगडंडियों पर की गई मेहनत रंग लाई। उन्होंने 2019 में जूनियर नेशनल एथेलिटिक्स गुंटूर(आंध्र प्रदेश) में रजत पदक जीता।
विज्ञापन
फेडरेशन कप में अंडर- 20 में 54.50 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक जीता। वर्ष 2019 में ही नेपाल सैफ गेम्स में 4 गुणा 4 मीटर रिले में कांस्य पदक जीता था। इसी साल फरवरी में भुवनेश्वर में आयोजित आल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में 4 गुणा 4 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीता।
विज्ञापन