सपा-बसपा गठबंधन से ब्रज में दिलचस्प हुई 'कुर्सी' की जंग, ये हैं चुनावी आंकड़े
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सपा और बसपा के बीच गठबंधन की औपचारिक घोषणा हो चुकी है। अब दोनों पार्टियां 2019 का लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगी। माना जा रहा है कि गठबंधन से ब्रज में सपा-बसपा दोनों को ताकत मिलेगी।
कई सीटों पर भाजपा के लिए चुनौती बढ़ेगी। आंकड़े बताते हैं कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले के चुनावों में दोनों पार्टियों को ब्रज में खूब वोट मिलते रहे हैं। हालांकि 2014 में सपा-बसपा दोनों पर भाजपा भारी थी।
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा की बंपर जीत के लिए मोदी लहर को श्रेय दिया गया। तब कांग्रेस और रालोद एक साथ थे। भाजपा, सपा और बसपा तीनों पार्टियों ने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे।
मोदी लहर में भाजपा ने ब्रज की छह सीटें जीतीं
मोदी लहर में ब्रज की आठ में से छह सीटों पर भाजपा प्रत्याशी विजयी हुए थे। स्थिति यह थी कि फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद और मैनपुरी सीट को छोड़कर आगरा, अलीगढ़, एटा, हाथरस व मथुरा में भाजपा प्रत्याशियों को सपा-बसपा दोनों के प्रत्याशियों से ज्यादा वोट मिले थे।
फिरोजाबाद और मैनपुरी लोकसभा सीट पर सपा प्रत्याशी जीते थे। हालांकि, इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनाव में इन आठ जिलों में सिर्फ आगरा लोकसभा सीट ही भाजपा के खाते में थी। शेष सात में से दो (फतेहपुर सीकरी व अलीगढ़) पर बसपा, एक निर्दलीय (एटा), दो सपा (फिरोजाबाद व मैनपुरी) और दो (हाथरस व मथुरा) पर रालोद का कब्जा था।
भाजपा और रालोद ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। तब भाजपा ने हाथरस और मथुरा में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे थे। सपा ने भी भाजपा से अलग होकर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे कल्याण सिंह के खिलाफ एटा में अपना प्रत्याशी नहीं खड़ा किया था।
2009 में भाजपा पर सपा बसपा भारी
इसके अलावा फतेहपुर सीकरी में बसपा व कांग्रेस, अलीगढ़ में बसपा, सपा, कांग्रेस, एटा में निर्दलीय व बसपा, फिरोजाबाद में सपा, बसपा, मैनपुरी में सपा व बसपा से पीछे थी।
2014 के लोकसभा चुनाव में मिले वोट
| सीट | भाजपा को मिले वोट | सपा व बसपा को मिले वोट |
| आगरा | 5,83,716 | 4,18,158 |
| फतेहपुर सीकरी | 4,26,589 | 4,66,880 |
| अलीगढ़ | 5,14,622 | 4,54,170 |
| एटा | 4,74,978 | 4,11,104 |
| फिरोजाबाद | 4,20,524 | 6,53,492 |
| हाथरस | 5,44,277 | 3,98,782 |
| मैनपुरी | 2,31,252 | 7,38,751 |
| मथुरा | 5,74,633 | 2,10,245 |
2009 के लोकसभा चुनाव में मिले वोट
| सीट | भाजपा को मिले वोट | सपा व बसपा को मिले वोट |
| आगरा | 2,03,697 | 3,35,349 |
| फतेहपुर सीकरी | 1,54,373 | 3,18,706 |
| अलीगढ़ | 1,26,988 | 3,70,331 |
| एटा | 88,562 | 1,47,449 (सिर्फ बसपा) |
| फिरोजाबाद | 1,01,561 | 5,06,721 |
| हाथरस | 2,47,927 (रालोद) | 3,26,262 |
| मैनपुरी | 56,265 | 6,11,546 |
| मथुरा | 3,79,870 (रालोद) | 2,10,257 (सिर्फ बसपा) |
भाजपा के साथ मिलकर रालोद ने खूब बटोरे थे वोट
मगर, 2014 के लोकसभा चुनाव में रालोद ने कांग्रेस से हाथ मिलाया। इसमें फतेहपुर सीकरी सीट पर रालोद ने चुनाव लड़ा था। तब रालोद प्रत्याशी अमर सिंह की जमानत जब्त हो गई थी। मथुरा में जयंत चौधरी दूसरे नंबर पर रहे थे।
यह गठबंधन एक नया इतिहास रचेगा। भाजपा प्रत्याशियों को अपनी जमानत तक बचाना मुश्किल होगा। प्रदेश में एक भी सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीत का स्वाद नहीं चख सकेगा। पश्चिमी यूपी में सपा और बसपा प्रत्याशी जीत का परचम लहराएंगे।
रामजी लाल सुमन, राष्ट्रीय महासचिव, सपा
सपा-बसपा का गठबंधन भाजपा को जड़ से खत्म कर देगा। गठबंधन के धर्म को निभाते हुए प्रत्येक सपा कार्यकर्ता गठबंधन के प्रत्याशी को जिताने के लिए दिन-रात एक कर देगा। भाजपा सरकार की तानाशाही सरकार को उखाड़ फेंकने में अहम भूमिका निभाएगा यह गठबंधन।
रामसकल गुर्जर, पूर्व मंत्री, सपा नेता