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स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में मासूम ने तोड़ा दम: 'बड़ी मन्नत के बाद IVF से हुई थी, समय पर नहीं मिला इलाज'

Sat, 14 Jan 2023 06:22 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 14 Jan 2023 06:22 PM IST
सार

परिवार के साथ स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक मासूम ने फिरोजाबाद में दम तोड़ दिया। बड़ी मन्नत के बाद वह आईवीएफ से पैदा हुई थी। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। लोग उन्हें ढांढस बंधाते रहे।

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Innocent girl traveling with family in Swatantrata Senani Express died in Firozabad
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में परिवार के साथ सफर कर रही छह माह की बच्ची की अचानक तबीयत खराब हो गई। उसके उपचार के लिए ट्रेन को रोका जाता उससे पूर्व ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। सुपरफास्ट ट्रेन को टूंडला स्टेशन पर रोककर परिवार को ट्रेन से उतार लिया। परिजन ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया। जीआरपी ने शव परिजन को सौंप दिया।

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बिहार के दरभंगा के थाना विनीपति अंतर्गत भगवतीपुर निवासी ओमप्रकाश पांडेय अपनी पत्नी काजल और मां इंद्रादेवी के साथ स्वतंत्रता सेनानी सुपरफास्ट ट्रेन के कोच संख्या एस-1 में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। साथ में उनकी छह माह की बच्ची वैष्णवी भी थी। कानपुर निकलने के बाद ट्रेन में अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। ओमप्रकाश ने ट्रेन में चल रहे स्टाफ से बच्ची के उपचार की मांग की। 
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ट्रेन में तैनात स्टाफ ने मुख्य नियंत्रण कक्ष टूंडला के अधिकारियों को अवगत कराते हुए चिकित्सा की मांग की। नियंत्रण कक्ष ने रेलवे चिकित्सक को स्टेशन बुलाते हुए सुपरफास्ट ट्रेन को टूंडला स्टेशन पर रुकवाया। चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची मौत से परिवार में कोहराम मच गया। जीआरपी प्रभारी ने बताया कि परिजन के आग्रह पर बच्ची के शव को बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही उन्हें सौंप दिया गया है।

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आईवीएफ से पैदा हुई थी वैष्णवी

बच्ची के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि बच्ची को पाने के लिए उन्होंने क्या-क्या न किया। उन्होंने बताया कि उनकी बच्ची का जन्म आईवीएफ की मदद से हुआ था। बच्ची पाकर पूरा परिवार खुश था। छह माह में ही बच्ची के जन्म लेने से वह कमजोर जरूर थी। मगर ऐसा नहीं था कि वह उन्हें छोड़कर चली जाएगी। समय पर इलाज नहीं मिलने से वह दुनिया को अलविदा कह गई। 

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