{"_id":"5a605eb84f1c1b67268b5215","slug":"innocent-boy-killed-in-encounter-by-mathura-police","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी पुलिस के दामन पर बच्चे के कत्ल का दाग, ये है मथुरा मुठभेड़ की पूरी कहानी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी पुलिस के दामन पर बच्चे के कत्ल का दाग, ये है मथुरा मुठभेड़ की पूरी कहानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 18 Jan 2018 05:24 PM IST
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मौके पर बच्चेे का परिचय पत्र
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में हाईवे थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर अड़ूकी में बुधवार को पुलिस की दबिश के दौरान फायरिंग में बच्चे की मौत ने यूपी पुलिस के दामन पर दाग लगा दिया है। बच्चे को गोली बदमाशों की लगी या पुलिस की ये भले साफ न हो लेकिन परिवारीजनों का दावा है कि बच्चे की मौत पुलिस की गोली से ही हुई है।
बता दें कि मथुरा के गांव मोहनपुर अड़ूकी में बुधवार शाम करीब छह बजे एक दरोगा और चार सिपाही अमरनाथ के मकान पर पहुंचे थे। अमरनाथ का घर गांव से बाहर है और घर के पास ही बगीचा बना रखा है। पुलिस वालों ने यहां पहुंचते ही कहा कि वह बदमाशों की तलाश में हैं और यहीं कहीं बदमाश छिपे हैं।
इस पर अमरनाथ के पिता शिवशंकर ने कहा कि यहां तो कोई नहीं है। इसी दौरान पुलिस वालों ने पास में बदमाश होने की बात कहकर फायरिंग कर दी। पुलिस वालों का कहना है कि सामने से बदमाशों ने गोली चलाई थी। एक गोली घर के पीछे खेत में खेल रहे अमरनाथ के आठ वर्षीय बेटे माधव के सिर में लग गई।
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बता दें कि मथुरा के गांव मोहनपुर अड़ूकी में बुधवार शाम करीब छह बजे एक दरोगा और चार सिपाही अमरनाथ के मकान पर पहुंचे थे। अमरनाथ का घर गांव से बाहर है और घर के पास ही बगीचा बना रखा है। पुलिस वालों ने यहां पहुंचते ही कहा कि वह बदमाशों की तलाश में हैं और यहीं कहीं बदमाश छिपे हैं।
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इस पर अमरनाथ के पिता शिवशंकर ने कहा कि यहां तो कोई नहीं है। इसी दौरान पुलिस वालों ने पास में बदमाश होने की बात कहकर फायरिंग कर दी। पुलिस वालों का कहना है कि सामने से बदमाशों ने गोली चलाई थी। एक गोली घर के पीछे खेत में खेल रहे अमरनाथ के आठ वर्षीय बेटे माधव के सिर में लग गई।
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पुलिस वालों ने मार डाला मेरे माधव को
महिलाएं विलाप करती हुईं
- फोटो : अमर उजाला
माधव के परिवार वालों का कहना है कि उनके बच्चे की मौत पुलिस वालों की गोली से हुई है। उनका बच्चा बगीचे में बेर खा रहा था। इसी दौरान पुलिस वालों ने बदमाश-बदमाश का शोर मचाते हुए फायरिंग शुरू कर दी थी।
जबकि कहीं कोई बदमाश नहीं था। इन लोगों की मांग है कि पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जाए। माधव के पिता अमरनाथ और दादा शिवशंकर का कहना है कि पुलिस वाले बिना कुछ बताए गोली चलाने लगे थे। जब हमने पूछा तो कहने लगे कि बदमाश यहां से निकलकर भागे हैं।
जबकि आसपास कोई नजर तक नहीं आ रहा था। अमरनाथ ने कहा कि पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बच्चे की मौत से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। बच्चे की मां तो कई दफा गश खाकर गिरी।
जबकि कहीं कोई बदमाश नहीं था। इन लोगों की मांग है कि पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जाए। माधव के पिता अमरनाथ और दादा शिवशंकर का कहना है कि पुलिस वाले बिना कुछ बताए गोली चलाने लगे थे। जब हमने पूछा तो कहने लगे कि बदमाश यहां से निकलकर भागे हैं।
जबकि आसपास कोई नजर तक नहीं आ रहा था। अमरनाथ ने कहा कि पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बच्चे की मौत से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। बच्चे की मां तो कई दफा गश खाकर गिरी।
अफसरों को एनकाउंटर की खबर तक नहीं
अस्पताल पहुंचे परिवारीजन
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा में बढ़ते क्राइम को रोकने में फेल पुलिस अब बदमाशों में खौफ पैदा करने के लिए गोलियां चला रही है। मुठभेड़ की जा रही है। लेकिन अब तो मुठभेड़ के नाम पर निर्दोषों की जान ली जा रही है।
हाईवे थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर अड़ूकी में दो दरोगा और चार सिपाही बदमाशों की लोकेशन मिलने पर गए थे। खास बात यह है कि जब पुलिस किसी आपरेशन के लिए थाने से निकलती है तो आला अफसरों की संज्ञान में मामले को लाया जाता है। लेकिन यहां तो सीओ तक को नहीं बताया गया।
जब बच्चे के गोली लग गई और अस्पताल में भर्ती हो गया तब पुलिस कप्तान को बताया गया है। एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने बताया कि पुलिस वालों ने दबिश की बात किसी को नहीं बताई थी। इस मामले की जांच भी कराई जा रही है।
वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी रिफाइनरी विनय सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी तब हुई जब बच्चे के गोली लग गई। सीओ ने बताया कि दरोगा वीरेंद्र यादव और सौरभ शर्मा चार सिपाहियों को साथ लेकर अड़ूकी गांव में गए थे।
हाईवे थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर अड़ूकी में दो दरोगा और चार सिपाही बदमाशों की लोकेशन मिलने पर गए थे। खास बात यह है कि जब पुलिस किसी आपरेशन के लिए थाने से निकलती है तो आला अफसरों की संज्ञान में मामले को लाया जाता है। लेकिन यहां तो सीओ तक को नहीं बताया गया।
जब बच्चे के गोली लग गई और अस्पताल में भर्ती हो गया तब पुलिस कप्तान को बताया गया है। एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने बताया कि पुलिस वालों ने दबिश की बात किसी को नहीं बताई थी। इस मामले की जांच भी कराई जा रही है।
वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी रिफाइनरी विनय सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी तब हुई जब बच्चे के गोली लग गई। सीओ ने बताया कि दरोगा वीरेंद्र यादव और सौरभ शर्मा चार सिपाहियों को साथ लेकर अड़ूकी गांव में गए थे।