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हरिद्वार और बिजनौर बैराज से गंगा में बढ़ा पानी का डिस्चार्ज
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कासगंज की कछला गंगा का जलस्तर
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से गंगा में डिस्चार्ज बढ़ने से फिर से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है। क्योंकि पिछले 48 घंटे से लगातार हरिद्वार और बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज बढ़ा है। नरौरा बैराज पर दबाव बढ़ने पर डिस्चार्ज बढ़ जाएगा। सिंचाई विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। तटवर्ती इलाके के लोग भी चिंतित होने लगे हैं।
गंगा में सोमवार को हरिद्वार बैराज से करीब 17 हजार और बिजनौर बैराज से करीब 8 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बढ़ गया, लेकिन नरौरा बैराज का डिस्चार्ज रविवार के मुकाबले स्थिर रहा। सिंचाई विभाग का अनुमान है कि अब नरौरा बैराज पर हरिद्वार और बिजनौर बैराज के पानी का दबाव बढ़ेगा, जिससे नरौरा से भी डिस्चार्ज बढ़ जाएगा। नरौरा से डिस्चार्ज बढ़ते ही जिले में गंगा का जलस्तर भी बढ़ेगा, लेकिन जिले में बाढ़ के सामान्य हालात ही होंगे। सिंचाई विभाग ने जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए बांधों की निगरानी बढ़ा दी है।
सिंचाई विभाग के अभियंता भी तटीय इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। गंगा के तटवर्ती इलाके बमनपुरा के ग्रामीण वासुदेव का मानना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहा तो बमनपुरा के नगला व किसौल तक पानी की दस्तक हो सकती है। ग्रामीण अरविंद का कहना है कि हर साल ही इन इलाकों में बाढ़ का प्रकोप होता है, लेकिन प्रशासन कोई स्थायी समाधान नहीं कर पाता।
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हरिद्वार और बिजनौर बैराज से पानी का डिस्चार्ज रविवार के मुकाबले काफी रहा है। ऐसी स्थिति में नरौरा से भी डिस्चार्ज बढ़ेगा और नरौरा से डिस्चार्ज बढ़ने पर जलस्तर में वृद्धि होगी, लेकिन अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है- अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई
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गंगा में सोमवार को हरिद्वार बैराज से करीब 17 हजार और बिजनौर बैराज से करीब 8 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बढ़ गया, लेकिन नरौरा बैराज का डिस्चार्ज रविवार के मुकाबले स्थिर रहा। सिंचाई विभाग का अनुमान है कि अब नरौरा बैराज पर हरिद्वार और बिजनौर बैराज के पानी का दबाव बढ़ेगा, जिससे नरौरा से भी डिस्चार्ज बढ़ जाएगा। नरौरा से डिस्चार्ज बढ़ते ही जिले में गंगा का जलस्तर भी बढ़ेगा, लेकिन जिले में बाढ़ के सामान्य हालात ही होंगे। सिंचाई विभाग ने जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए बांधों की निगरानी बढ़ा दी है।
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सिंचाई विभाग के अभियंता भी तटीय इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। गंगा के तटवर्ती इलाके बमनपुरा के ग्रामीण वासुदेव का मानना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी रहा तो बमनपुरा के नगला व किसौल तक पानी की दस्तक हो सकती है। ग्रामीण अरविंद का कहना है कि हर साल ही इन इलाकों में बाढ़ का प्रकोप होता है, लेकिन प्रशासन कोई स्थायी समाधान नहीं कर पाता।
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हरिद्वार और बिजनौर बैराज से पानी का डिस्चार्ज रविवार के मुकाबले काफी रहा है। ऐसी स्थिति में नरौरा से भी डिस्चार्ज बढ़ेगा और नरौरा से डिस्चार्ज बढ़ने पर जलस्तर में वृद्धि होगी, लेकिन अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है- अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई