{"_id":"2ae7047513889ccd9c23809cb9cae43b","slug":"income-tax-raid-on-five-medical-institution-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच चिकित्सा संस्थानाें पर आयकर छापा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच चिकित्सा संस्थानाें पर आयकर छापा
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा।
Updated Thu, 10 Dec 2015 01:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के पांच नर्सिंगहोम और क्लीनिक पर आयकर विभाग ने बुधवार को सर्वे शुरू किया। नामनेर स्थित एसआर हास्पिटल, प्रतापपुरा स्थित डा. एससी अग्रवाल, दीवानी स्थित लोटस हास्पिटल, खंदारी स्थित डा. स्पर्श मल्होत्रा नर्सिंगहोम और दिल्ली गेट स्थित डा. सुबीर गुप्ता के क्लीनिक पर आयकर विभाग ने कार्रवाई की। देर रात तक चार दर्जन अधिकारियों की टीम हास्पिटलाें से कच्चे बिल और रजिस्टरों की जांच करती रहीं। आयकर अधिकारियों के मुताबिक, करोड़ों रुपये का टैक्स सर्वे में मिलने की उम्मीद है।
बुधवार को आयकर विभाग की कार्रवाई ने शहर के चिकित्सा जगत में हड़कंप मचा दिया। दोपहर बाद चार हास्पिटलों पर आयकर विभाग की टीमों ने सर्वे शुरू किया। इसमें दीवानी स्थित लोटस हास्पिटल में कई कागजात मिलने पर दिल्ली गेट स्थित डा. सुबीर गुप्ता के क्लीनिक पर भी आयकर टीम पहुंच गई। प्रमुख आयकर आयुक्त अनुराधा मिश्रा के निर्देश पर संयुक्त आयकर आयुक्त रेंज-4 वेलू सिन्हा के निर्देशन में डिप्टी कमिश्नर अमित शुक्ला और असिस्टेंट कमिश्नर राधा रानी शर्मा, सुरेंद्र कुमार ने सर्वे की कार्रवाई की। शाम तक पूरे शहर में हास्पिटलों पर आयकर छापे की खबर फैल गई। देर रात तक कंप्यूटर, रजिस्टर, कच्चे बिल, पर्चों और मेडिकल स्टोर के रिकार्ड की जांच की जाती रही। सर्वे करने वाली टीम में आयकर अधिकारी राजीव प्रसाद, नवाब सिंह, शैलेंद्र कुमार, आरके त्रिपाठी और आयकर निरीक्षक अमरीश कौशिक, दिलीप गुप्ता, संतोष केसरी, सोबरन सिंह, राजेश सिंह आदि मौजूद रहे।
कई चिकित्सकों पर होनी है कार्रवाई
बुधवार को शहर के पांच प्रमुख नर्सिंगहोम और क्लीनिक पर आयकर विभाग की कार्रवाई बेशक हुई, लेकिन कार्रवाई की जद में करीब तीन दर्जन नर्सिंगहोम हैं। हर दिन लाखों रुपये की कमाई कर रहे नर्सिंगहोम पर इस माह के अंत तक कई और कार्रवाई हो सकती हैं। आयकर विभाग के पास हास्पिटलों में हर दिन के आपरेशन, मरीजों की संख्या और औसत बिल का ब्योरा तक मौजूद है। कई चिकित्सकों के परिवार में शाही शादियों ने आयकर अधिकारियों का ध्यान खींचा था। उसके बाद एडवांस टैक्स का ब्योरा देखने पर पता चला कि लाखों रुपये रोज कमाने वाले डाक्टरों ने साल भर की कमाई ही इतनी बताई है।
विज्ञापन
दवा कंपनियों के गिफ्ट, विदेश यात्रा पर नजर
दिवाली पर दवा कंपनियों के गिफ्ट और डाक्टरों की विदेश यात्राओं की जानकारियां आयकर विभाग को मिली हैं। शहर के तीन दर्जन से ज्यादा चिकित्सक आयकर विभाग के रडार पर चल रहे थे। इनमें से कई डाक्टरों के टैक्स का ब्योरा खंगाला गया तो आयकर अधिकारी भी चौंक गए। मरीजों से होने वाली कमाई कई हास्पिटलों ने बेहद कम दिखाई है। सूत्रों की मानें तो रीयल स्टेट, ज्वेलर्स, जूता निर्यातकों के बाद हास्पिटल और स्कूलों पर आयकर विभाग की कार्रवाई होनी तय है। दरअसल, रीयल स्टेट के सर्वे के दौरान कई ऐसे कागजात मिले हैं, जिनमें चिकित्सकों का इन्वेस्टमेंट पाया गया है। शहर के अधिकांश रीयल स्टेट में डाक्टरों की बड़ी रकम लगी है। बीते साल के सर्वे में मिले कागजातों में भी शहर के नामी चिकित्सकों के नाम मिले थे।
विज्ञापन
बुधवार को आयकर विभाग की कार्रवाई ने शहर के चिकित्सा जगत में हड़कंप मचा दिया। दोपहर बाद चार हास्पिटलों पर आयकर विभाग की टीमों ने सर्वे शुरू किया। इसमें दीवानी स्थित लोटस हास्पिटल में कई कागजात मिलने पर दिल्ली गेट स्थित डा. सुबीर गुप्ता के क्लीनिक पर भी आयकर टीम पहुंच गई। प्रमुख आयकर आयुक्त अनुराधा मिश्रा के निर्देश पर संयुक्त आयकर आयुक्त रेंज-4 वेलू सिन्हा के निर्देशन में डिप्टी कमिश्नर अमित शुक्ला और असिस्टेंट कमिश्नर राधा रानी शर्मा, सुरेंद्र कुमार ने सर्वे की कार्रवाई की। शाम तक पूरे शहर में हास्पिटलों पर आयकर छापे की खबर फैल गई। देर रात तक कंप्यूटर, रजिस्टर, कच्चे बिल, पर्चों और मेडिकल स्टोर के रिकार्ड की जांच की जाती रही। सर्वे करने वाली टीम में आयकर अधिकारी राजीव प्रसाद, नवाब सिंह, शैलेंद्र कुमार, आरके त्रिपाठी और आयकर निरीक्षक अमरीश कौशिक, दिलीप गुप्ता, संतोष केसरी, सोबरन सिंह, राजेश सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कई चिकित्सकों पर होनी है कार्रवाई
बुधवार को शहर के पांच प्रमुख नर्सिंगहोम और क्लीनिक पर आयकर विभाग की कार्रवाई बेशक हुई, लेकिन कार्रवाई की जद में करीब तीन दर्जन नर्सिंगहोम हैं। हर दिन लाखों रुपये की कमाई कर रहे नर्सिंगहोम पर इस माह के अंत तक कई और कार्रवाई हो सकती हैं। आयकर विभाग के पास हास्पिटलों में हर दिन के आपरेशन, मरीजों की संख्या और औसत बिल का ब्योरा तक मौजूद है। कई चिकित्सकों के परिवार में शाही शादियों ने आयकर अधिकारियों का ध्यान खींचा था। उसके बाद एडवांस टैक्स का ब्योरा देखने पर पता चला कि लाखों रुपये रोज कमाने वाले डाक्टरों ने साल भर की कमाई ही इतनी बताई है।
विज्ञापन
दवा कंपनियों के गिफ्ट, विदेश यात्रा पर नजर
दिवाली पर दवा कंपनियों के गिफ्ट और डाक्टरों की विदेश यात्राओं की जानकारियां आयकर विभाग को मिली हैं। शहर के तीन दर्जन से ज्यादा चिकित्सक आयकर विभाग के रडार पर चल रहे थे। इनमें से कई डाक्टरों के टैक्स का ब्योरा खंगाला गया तो आयकर अधिकारी भी चौंक गए। मरीजों से होने वाली कमाई कई हास्पिटलों ने बेहद कम दिखाई है। सूत्रों की मानें तो रीयल स्टेट, ज्वेलर्स, जूता निर्यातकों के बाद हास्पिटल और स्कूलों पर आयकर विभाग की कार्रवाई होनी तय है। दरअसल, रीयल स्टेट के सर्वे के दौरान कई ऐसे कागजात मिले हैं, जिनमें चिकित्सकों का इन्वेस्टमेंट पाया गया है। शहर के अधिकांश रीयल स्टेट में डाक्टरों की बड़ी रकम लगी है। बीते साल के सर्वे में मिले कागजातों में भी शहर के नामी चिकित्सकों के नाम मिले थे।