{"_id":"60a94ca38ebc3e68712cdcb1","slug":"include-corona-and-black-fungus-in-accident-insurance-plan-mainpuri-news-agr4928785134","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुर्धटना बीमा योजना में कोरेना, ब्लैक फंगस शामिल करें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुर्धटना बीमा योजना में कोरेना, ब्लैक फंगस शामिल करें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर सुमंत कुमार गुप्ता ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। कहा है वाणिज्य कर विभाग की व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना में कोविड-19 और ब्लैक फंगस को शामिल करके मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाए।
कहा है छोटे, मध्यम व मझोले व्यापारियों को कोरोना काल में नुकसान हुआ है। कई व्यापारियों की मौत भी हो चुकी है। व्यापारिक प्रतिष्ठान लगातार बंद चल रहे हैं। व्यापारियों के परिवार को कोरोना ने फुटपाथ पर लाकर खड़ा कर दिया है। प्रदेश में अनेकोँ परिवार ऐसे हैं जो कमाने वाला था। उसकी मृत्यु हो गई और परिवार अनाथ हो गया। कुछ परिवार ऐसे हैँ जिसमें बुजुर्ग ही शेष रह गए हैं। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को 10 लाख रुपये की बीमा योजना में कोरोना, ब्लैक फंगस को भी शामिल किया जाए। गंभीर बीमारियों कैंसर/हार्टअटैक/ किडनी आदि को भी जोड़ा जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्चा सरकार द्वारा वहन किया जाए।
ज्ञापन में कहा है कोरोना संक्रमण से मरे जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के आश्रितों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। जो व्यापारिक प्रतिष्ठान जीएसटी में पंजीकृत नहीं है लेकिन उनके पास विद्युत का कॉमर्शियल कनेक्शन तथा श्रम विभाग में पंजीकरण है उनको दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। गंभीर रूप से बीमार होने पर उनके इलाज का खर्चा भी सरकार वहन करे। व्यापारियों के लिए अलग से टीकाकरण अभियान शुरू किया जाए। सरकारी अस्पताल, प्राइवेट नर्सिंग होम में जहां कोरोना, ब्लैक फंगस का उपचार किया जाता है वहां सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहा है छोटे, मध्यम व मझोले व्यापारियों को कोरोना काल में नुकसान हुआ है। कई व्यापारियों की मौत भी हो चुकी है। व्यापारिक प्रतिष्ठान लगातार बंद चल रहे हैं। व्यापारियों के परिवार को कोरोना ने फुटपाथ पर लाकर खड़ा कर दिया है। प्रदेश में अनेकोँ परिवार ऐसे हैं जो कमाने वाला था। उसकी मृत्यु हो गई और परिवार अनाथ हो गया। कुछ परिवार ऐसे हैँ जिसमें बुजुर्ग ही शेष रह गए हैं। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को 10 लाख रुपये की बीमा योजना में कोरोना, ब्लैक फंगस को भी शामिल किया जाए। गंभीर बीमारियों कैंसर/हार्टअटैक/ किडनी आदि को भी जोड़ा जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्चा सरकार द्वारा वहन किया जाए।
विज्ञापन
ज्ञापन में कहा है कोरोना संक्रमण से मरे जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के आश्रितों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। जो व्यापारिक प्रतिष्ठान जीएसटी में पंजीकृत नहीं है लेकिन उनके पास विद्युत का कॉमर्शियल कनेक्शन तथा श्रम विभाग में पंजीकरण है उनको दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। गंभीर रूप से बीमार होने पर उनके इलाज का खर्चा भी सरकार वहन करे। व्यापारियों के लिए अलग से टीकाकरण अभियान शुरू किया जाए। सरकारी अस्पताल, प्राइवेट नर्सिंग होम में जहां कोरोना, ब्लैक फंगस का उपचार किया जाता है वहां सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाए।
विज्ञापन