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स्कूल बसों में सीट बेल्ट नहीं तो नहीं मिलेगा फिटनेस प्रमाणपत्र
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एटा। अब स्कूल के वाहनों में सीट बेल्ट नहीं होने पर वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र प्रदान नहीं किया जाएगा। शासन के निर्देश को अगस्त माह से प्रभावी ढंग से लागू किया जाना है।
मोटरयान नियमावली में संशोधन के बाद स्कूल बस अथवा वैन में आने जाने वाले बच्चों कों सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन के कंधो पर होगी। उप परिवहन आयुक्त डा. विक्रम सिंह ने सभी जनपदों के एआरटीओ और आरटीओ को पत्र भेजकर बच्चों की सुरक्षा के हित में इसे प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा है। उन्होंने स्कूल व ठेके पर चलने वाले वाहनों के लिए 21 तरह के नए नियम बनाए हैं। वहीं स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वाहन 15 साल से अधिक पुराने नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही इन पर निगरानी रखने के लिए समिति का भी गठन किया जाना है।
समिति में होंगे यह लोग
जिलाधिकारी - अध्यक्ष
एसएसपी या एसपी - उपाध्यक्ष
एआरटीओ प्रसाशन - सदस्य
एआरटीओ प्रर्वतन- सदस्य सचिव
डीएम से नमित ईओ- सदस्य
डीआईओएस व बीएसए- सदस्य
विद्यालय प्रबंध समिति के यह होंगे दायित्व
प्रबंध समिति का दायित्व है स्कूली वाहनों का रजिस्ट्रेशन, बीमा, लाइसेंस, चालक व परिचालक की वर्दी, नेमप्लेट इसके साथ ही मोबाइल नंबर भी होना चाहिए। वहीं चालक का चरित्र प्रमाण पत्र, निवास आदि ने बाद पांच साल का अनुभव प्रमाण पत्र देखने के बाद गाड़ी चलाने की अनुमति देंगे।
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सड़क सुरक्षा को लेकर शासन से निर्देश मिले है। इसी के आधार पर माह के अंत में डीएम की अध्यक्षता में एक टीम गठित की जाएगी। वहीं प्रधानाचार्यो के साथ बैठक कर उन्हें भी नियमों के वारे में अबगत कराया जाएगा। अगस्त से यह प्रक्रिया जिले में प्रभावी ढंग से लागू की जाएगी।
हेमचंद्र गौतम, एआरटीओ प्रशासन ,एटा
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मोटरयान नियमावली में संशोधन के बाद स्कूल बस अथवा वैन में आने जाने वाले बच्चों कों सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन के कंधो पर होगी। उप परिवहन आयुक्त डा. विक्रम सिंह ने सभी जनपदों के एआरटीओ और आरटीओ को पत्र भेजकर बच्चों की सुरक्षा के हित में इसे प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा है। उन्होंने स्कूल व ठेके पर चलने वाले वाहनों के लिए 21 तरह के नए नियम बनाए हैं। वहीं स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वाहन 15 साल से अधिक पुराने नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही इन पर निगरानी रखने के लिए समिति का भी गठन किया जाना है।
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समिति में होंगे यह लोग
जिलाधिकारी - अध्यक्ष
एसएसपी या एसपी - उपाध्यक्ष
एआरटीओ प्रसाशन - सदस्य
एआरटीओ प्रर्वतन- सदस्य सचिव
डीएम से नमित ईओ- सदस्य
डीआईओएस व बीएसए- सदस्य
विद्यालय प्रबंध समिति के यह होंगे दायित्व
प्रबंध समिति का दायित्व है स्कूली वाहनों का रजिस्ट्रेशन, बीमा, लाइसेंस, चालक व परिचालक की वर्दी, नेमप्लेट इसके साथ ही मोबाइल नंबर भी होना चाहिए। वहीं चालक का चरित्र प्रमाण पत्र, निवास आदि ने बाद पांच साल का अनुभव प्रमाण पत्र देखने के बाद गाड़ी चलाने की अनुमति देंगे।
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सड़क सुरक्षा को लेकर शासन से निर्देश मिले है। इसी के आधार पर माह के अंत में डीएम की अध्यक्षता में एक टीम गठित की जाएगी। वहीं प्रधानाचार्यो के साथ बैठक कर उन्हें भी नियमों के वारे में अबगत कराया जाएगा। अगस्त से यह प्रक्रिया जिले में प्रभावी ढंग से लागू की जाएगी।
हेमचंद्र गौतम, एआरटीओ प्रशासन ,एटा