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सांप्रदायिकता नहीं, साजिद मियां और पंडाजी की दोस्ती है कासगंज की असली पहचान

Tue, 06 Feb 2018 10:09 AM IST
अजय झंवर, अमर उजाला कासगंज
अजय झंवर, अमर उजाला कासगंज Updated Tue, 06 Feb 2018 10:09 AM IST
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in kasganj friendship of sazid miyan and pandaji is a symbol of communal harmony
पंडाजी और सा‌जिद ‌म‌ियां - फोटो : अमर उजाला
कासगंज में भले ही सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ा, लेकिन गंगा-जमुनी संस्कृति ही इस शहर की पहचान रही है। संगीतगुरु भगवानदास पंडा जी और साजिद की दोस्ती इस संस्कृति को प्रमाणित भी करती है। 
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शनिवार रात संगीतगुरु भगवानदास पंडा जी का निधन हो गया तो साजिद का परिवार भी शोक में डूब गया। साजिद अपनी पत्नी व परिवार के अन्य लोगों के साथ इस गम में शामिल हुए, पंडाजी की शवयात्रा में कंधा भी दिया और कछला में अंतिम संस्कार में भी भागीदारी निभाई। 
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45 साल से पंडाजी साजिद के साथ ही रह रहे थे। पंडाजी अलग मकान में जरूर रहते थे, लेकिन खाना साजिद के घर खाते थे। वह काफी पुराने समय से अल्लड़ नृत्य संगीत पार्टी का संचालन करते थे। यह पार्टी सूचना विभाग में भी पंजीकृत थी। पंडाजी शास्‍त्रीय नृत्य के बड़े कलाकार थे। 
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संगीत के क्षेत्र से जुड़े तमाम लोग उन्हें गुरु मानते थे। पार्टी के कार्यक्रमों का संचालन हमेशा साजिद किया करते थे। पंडाजी और साजिद ने एक दुकान बस स्टैंड के सामने लक्ष्मीगंज रास्ते के कॉर्नर पर खोल रखी थी। 

in kasganj friendship of sazid miyan and pandaji is a symbol of communal harmony
विलाप करतीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
साजिद का परिवार और पंडाजी इस दुकान का संचालन भी करते थे, लेकिन दुकान में कभी लेन देन, लाभ हानि का कोई बंटवारा नहीं था। साजिद का बेटा पप्पन इस दुकान का संचालन करता था। पिछले साल 27 फरवरी को पप्पन की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। 

पप्पन की मौत से पंडाजी को बेहद आघात लगा और वो तनाव में चले गए। वह पप्पन को अपना बेटा मानते थे और उसकी मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए। कुछ समय पहले से उनकी हालत बिगड़ी हुई थी। साजिद का पूरा परिवार उनकी देख रेख और इलाज करवा रहा था। 

शनिवार को निधन के बाद पूरा परिवार शोक में डूब गया। कछला गंगाघाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। जिसमें अन्य परिवार के लोगों के साथ साजिद के परिवार के लोग भी अंतिम विदाई में पहुंचे। कछला पर प्रवीन कुमार ने पंडाजी की चिता को मुखाग्नि दी। 

साजिद का दूसरा पुत्र सलमान जो महर्षि विवि के आईटी डिपार्टमेंट में काम करता है। सलमान भी पंडाजी के निधन पर काफी दुखी था। सलमान ने पंडाजी की अंतिम संस्कार क्रिया में भागीदारी भी निभाई। 

पंडाजी के निधन पर संगीतक्षेत्र से जुड़े तमाम लोगों ने शोक जताया। इस दौरान किशन गौड, संजय विसाजिया, पंपी जैन, सभासद हृदेश कुमार लल्ला, प्रभात दुबे आदि मौजूद थे।  
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