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आगरा: श्री पारस अस्पताल पर आईएमए भी मेहरबान, महीनेभर में जारी नहीं की दमघोंटू मॉकड्रिल की रिपोर्ट

Mon, 18 Oct 2021 12:01 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 18 Oct 2021 12:01 AM IST
सार

आगरा के श्री पारस अस्पताल में दमघोंटू मॉकड्रिल प्रकरण में आईएमए भी मेहरबानी बनाए हुए है। आईएमए समिति की जांच रिपोर्ट सौंपे हुए महीनाभर होने पर भी इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। 

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IMA agra did not release the investigation report of Shri Paras Hospital case
श्री पारस अस्पताल, आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के श्री पारस अस्पताल में 26 अप्रैल 2021 को दमघोंटू मॉकड्रिल का वीडियो वायरल आठ जून को हुआ था। इस पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई। तीन महीने में जांच पूरी होने पर बीते 17 सितंबर को समिति ने रिपोर्ट आईएमए अध्यक्ष को सौंपी थी। महीना गुजरने पर भी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। 

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जांच में ये मिली जानकारी
- 26 अप्रैल को अस्पताल में 10 मरीजों की मौत हुई।
- 26 अप्रैल की सुबह अस्पताल में अफरा-तफरी रही।
- शाम से देर रात तक कई मरीजों के शव बाहर निकाले।
- सुबह 10:30 बजे अस्पताल के सीसीटीवी बंद कर दिए।
- ऑक्सीजन की कमी थी, अस्पताल स्टाफ ने हाथ खड़े कर दिए थे।

'रिपोर्ट सौंप दी है समिति ने'
जांच समिति के संयोजक डॉ. सुधीर धाकरे ने कहा कि आईएमए अध्यक्ष को जांच रिपोर्ट सौंपे हुए महीनाभर हो गया है। हमारा कार्य जांच कर रिपोर्ट देना था। इसे अध्यक्ष क्यों नहीं सार्वजनिक कर रहे, यह वही बेहतर बता सकते हैं। 

'इसी सप्ताह सार्वजनिक करेंगे'
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने कहा कि वायरल बुखार और डेंगू के मरीजों के चलते व्यस्तता अधिक है। इसी सप्ताह मीडिया को बुलाकर रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा। वैसे यह मामला अब कोर्ट में भी चल रहा है। 

'रिपोर्ट दबाए रखना गलत है'
सामाजिक कार्यकर्ता शफी हैदर जाफरी ने कहा कि आईएमए की समिति ने जैसी भी जांच की, उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। महीनेभर से जांच रिपोर्ट दबाए रहने से जनता में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। इससे सवाल उठना लाजिमी है। 
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