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UP: अंगूठा छाप महिला करा रही थी प्रसव और गर्भपात, दुकान में फैला मिला खून; देखकर सन्न रह गए अधिकारी

Thu, 13 Jun 2024 11:06 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 13 Jun 2024 11:06 AM IST
सार

ताजनगरी में अंगूठा छाप महिला प्रसव और गर्भपात करा रही थी। जांच के दौरान दुकान में खून फैला मिला। देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए।

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illiterate woman running clinic with help of quack In Agra deliveries and abortions was being done
दुकान सील। - फोटो : संवाद

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में देवरी रोड के नगला परसोती में अंगूठा छाप महिला तीन दुकानों में झोलाछाप की मदद से क्लीनिक चला रही थी। प्रसव और गर्भपात कराए जा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को दोपहर में छापा मारा तो क्लीनिक संचालित होते पाया गया। टीम ने इसी रोड पर तीन झोलाछापों के क्लीनिक और अस्पताल सील किए।

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एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने शिकायत मिलने पर नगला परसोती में तीन दुकानों में चलाए जा रहे अवैध क्लीनिक पर छापा मारा। यहां मायादेवी नाम की संचालिका मौके पर नहीं मिली। सहायक संजय सोता मिला। उसने पूछताछ में बताया कि मायादेवी अनपढ़ हैं और महिलाओं के प्रसव और गर्भपात करने का काम करती हैं।

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तीन दुकानों में से एक में मेडिकल स्टोर चलाया जा रहा था। कोई लाइसेंस नहीं था। जानकारी औषधि विभाग को दी गई। दूसरे कमरे में ऑफिस और तीसरे कमरे में बेड मिला। सर्जरी करने के उपकरण पाए गए, जो संक्रमित थे। यहां खून से सने गौज और ग्लब्स के साथ अन्य चीजें मिलीं। बाद में मायादेवी से पूछताछ में पता चला कि वह सागर अस्पताल में भी सेवाएं देती है। उसकी भी जांच की गई। तीनों दुकानों में बायोमेडिकल वेस्ट के ढेर लगे थे। इस पर तीनों दुकानों में सील लगा दी गई।

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बिना रजिस्ट्रेशन सागर अस्पताल

मायादेवी से जानकारी के बाद एसीएमओ की टीम ने कोटली बगीची के सागर अस्पताल पर छापा मारा, जहां डॉ. जेपी सागर के नाम की प्लेट लगी मिली। उनके नाम के आगे इलेक्ट्रो होम्योपैथी की डिग्री लिखी थी। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। 

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इसके बारे में बताया गया कि रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया गया है। बोर्ड पर डॉ. वीके शर्मा और एके गुप्ता का नाम भी लिखा था। यहां एक मरीज भर्ती मिला, जिसे अन्य अस्पताल भिजवाकर इमारत को सील कर दिया गया। जेपी सागर से डिग्री और अन्य कागजात मांगे गए हैं। यहां भी बायोमेडिकल वेस्ट के ढेर लगे थे।

झोलाछाप ने खुद को बताया डॉक्टर

कोटली बगीची में डॉ. वीर सिंह के क्लीनिक पर उनके नाम के आगे सीएमएस लिखा था, जिसका अर्थ वह नहीं बता सके। उनके पास कौन सी डिग्री है, यह भी नहीं बताया। उनके क्लीनिक पर डायरिया का मरीज मिला, जिसे ड्रिप लगाई जा रही थी। एसीएमओ की टीम को यहां बायोमेडिकल वेस्ट के ढेर मिले। इसे भी स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया।

कागजात दिखाने के लिए तीन दिन

देवरी रोड और कोटली बगीची में तीन झोलाछापों पर कार्रवाई की गई है। तीनों की दुकानें सील कर दी गई हैं और उनसे तीन दिन के अंदर कागजात मांगे गए हैं। उसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ

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