आगरा: बंद पड़े पेट्रोल पंप के पास बना रहे थे 'मौत का सामान', हिस्ट्रीशीटर सहित तीन गिरफ्तार
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आगरा की थाना जगदीशपुरा पुलिस ने गांव मघटई में तमंचे बनाने की फैक्टरी का भंड़ाफोड़ किया है। मौके से हिस्ट्रीशीटर सहित तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें दो तमंचे बेचने जा रहे थे, जबकि एक तमंचे बनाने का काम करता है। उनके पास से सात तमंचे भी बरामद किए हैं।
गुरुवार को एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि जगदीशपुरा पुलिस ने चेकिंग के दौरान गांव मघटई तिराहे के पास से बाइक सवार दो लोगों को पकड़ा था। इनमें बसई जगनेर के गांव कांसपुरा निवासी लोकेंद्र और मलपुरा के नगला रेवती निवासी हाकिम सिंह हैं। उनकी तलाशी में पांच तमंचे और कारतूस बरामद हुए।
उन्होंने पूछताछ में बताया कि मघटई में बंद पड़े एक पेट्रोल पंप के पास घर में तमंचे बनाए जाते हैं। इस पर पुलिस ने घर पर छापा मारा। यहां से गांव पनवारी, सिकंदरा निवासी सुभाष को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो और तमंचे मिले। वह तमंचे बनाने का काम करता है। उनके पास से तमंचे बनाने के उपकरण, चोरी की बाइक और कारतूस भी बरामद हुए।
15 साल से बना रहे तमंचे, 2000 से ज्यादा बेच चुके
पुलिस की पूछताछ में आरोपी सुभाष ने बताया कि वो 15 साल से तमंचे बना रहा है। उसके पिता बच्चू सिंह भी तमंचे बनाते थे। उनकी मौत के बाद वह यह काम करने लगा। सुभाष तमंचे बनाने के लिए बेलनगंज के बाजार से सामान खरीदकर लाता था। लोकेंद्र और हाकिम तैयार तमंचों को बेचने का काम करते हैं।
तमंचों को ग्रामीण क्षेत्र में बेचने के लिए लेकर जाते थे। सुभाष 500 से अधिक तमंचे बना चुका है। तीनों लोग 2000 से ज्यादा तमंचे बेच चुके हैं। सुभाष चार बार जेल जा चुका है। छूटते ही तमंचे बनाने में लग जाता है।
आरोपी लोकेंद्र बसई जगनेर थाने का हस्ट्रीशीटर है। उसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 13ए खुली हुई है। लोकेंद्र के खिलाफ करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं। लोकेंद्र ही तमंचे लेकर जाता था। वह 15 साल से यह काम करने में लगा हुआ है। तीनों का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस देख रही है।