फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Illegal weapon making factory busted in agra

आगरा: बंद पड़े पेट्रोल पंप के पास बना रहे थे 'मौत का सामान', हिस्ट्रीशीटर सहित तीन गिरफ्तार

Fri, 10 Jul 2020 02:47 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 10 Jul 2020 02:47 PM IST
विज्ञापन
Illegal weapon making factory busted in agra
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

आगरा की थाना जगदीशपुरा पुलिस ने गांव मघटई में तमंचे बनाने की फैक्टरी का भंड़ाफोड़ किया है। मौके से हिस्ट्रीशीटर सहित तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें दो तमंचे बेचने जा रहे थे, जबकि एक तमंचे बनाने का काम करता है। उनके पास से सात तमंचे भी बरामद किए हैं।

विज्ञापन


गुरुवार को एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि जगदीशपुरा पुलिस ने चेकिंग के दौरान गांव मघटई तिराहे के पास से बाइक सवार दो लोगों को पकड़ा था। इनमें बसई जगनेर के गांव कांसपुरा निवासी लोकेंद्र और मलपुरा के नगला रेवती निवासी हाकिम सिंह हैं। उनकी तलाशी में पांच तमंचे और कारतूस बरामद हुए। 
विज्ञापन



उन्होंने पूछताछ में बताया कि मघटई में बंद पड़े एक पेट्रोल पंप के पास घर में तमंचे बनाए जाते हैं। इस पर पुलिस ने घर पर छापा मारा। यहां से गांव पनवारी, सिकंदरा निवासी सुभाष को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो और तमंचे मिले। वह तमंचे बनाने का काम करता है। उनके पास से तमंचे बनाने के उपकरण, चोरी की बाइक और कारतूस भी बरामद हुए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

15 साल से बना रहे तमंचे, 2000 से ज्यादा बेच चुके

पुलिस की पूछताछ में आरोपी सुभाष ने बताया कि वो 15 साल से तमंचे बना रहा है। उसके पिता बच्चू सिंह भी तमंचे बनाते थे। उनकी मौत के बाद वह यह काम करने लगा। सुभाष तमंचे बनाने के लिए बेलनगंज के बाजार से सामान खरीदकर लाता था। लोकेंद्र और हाकिम तैयार तमंचों को बेचने का काम करते हैं। 
तमंचों को ग्रामीण क्षेत्र में बेचने के लिए लेकर जाते थे। सुभाष 500 से अधिक तमंचे बना चुका है। तीनों लोग 2000 से ज्यादा तमंचे बेच चुके हैं। सुभाष चार बार जेल जा चुका है। छूटते ही तमंचे बनाने में लग जाता है।

आरोपी लोकेंद्र बसई जगनेर थाने का हस्ट्रीशीटर है। उसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 13ए खुली हुई है। लोकेंद्र के खिलाफ करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं। लोकेंद्र ही तमंचे लेकर जाता था। वह 15 साल से यह काम करने में लगा हुआ है। तीनों का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस देख रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed