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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Illegal mining in Chambal will be monitored with drones and CCTV. Following the Supreme Court's strictures, the DM has formed a joint team. Illegal sand transportation will be stopped by coordinating with Rajasthan and MP.

Agra News: चंबल में अवैध खनन की ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद डीएम ने बनाई संयुक्त टीम, राजस्थान-एमपी के साथ तालमेल कर थमेगा बालू का अवैध परिवहन

Fri, 01 May 2026 01:31 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 01 May 2026 01:31 AM IST
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Illegal mining in Chambal will be monitored with drones and CCTV. Following the Supreme Court's strictures, the DM has formed a joint team. Illegal sand transportation will be stopped by coordinating with Rajasthan and MP.
आगरा। राजस्थान और मध्यप्रदेश से चंबल नदी में हो रहे अवैध बालू खनन और परिवहन पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले की सीमाओं पर अभेद्य घेराबंदी के निर्देश दिए।
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सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान लिए जाने के बाद डीएम ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन के खिलाफ अब उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश मिलकर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के तहत काम करेंगे। इसके लिए तहसील स्तर पर एसडीएम, एसीपी, एआरटीओ और खनन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है। निर्देश दिए कि चंबल क्षेत्र में खनन के रास्तों को चिह्नित कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाएं और केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया जाए। वन विभाग को अतिरिक्त सर्विलांस के लिए ड्रोन की मदद लेने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन नहीं रुका तो अर्धसैनिक बलों की तैनाती और राज्यों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। बैठक में एडीएम शुभांगी शुक्ला, डीसीपी अभिषेक कुमार अग्रवाल और डीएफओ चांदनी सिंह मौजूद रहीं।
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गवाहों की कम उपस्थिति पर डीएम ने जताई नाराजगी

अभियोजन कार्यों की समीक्षा में डीएम मनीष बंसल ने कोर्ट में गवाहों की कम उपस्थिति पर कड़े तेवर दिखाए। अभियोजन संवर्ग में 399 में से मात्र 74 गवाह पेश होने पर उन्होंने पुलिस और पैरोकारों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। डीएम ने अभियोजन और डीजीसी संवर्ग से 5-5 सबसे पुराने लंबित मुकदमों की सूची कारणों सहित अगली बैठक में तलब की है। पॉक्सो एक्ट, दहेज हत्या और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में प्रभावी पैरवी कर सजा दिलाने के निर्देश दिए। प्रतिदिन के कार्यों की ई-प्रासीक्यूशन पोर्टल पर फीडिंग अनिवार्य की गई है। बैठक में एडीएम यमुनाधर चौहान और संयुक्त निदेशक घनश्याम गुप्ता मौजूद रहे।
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