{"_id":"5d171a638ebc3e3c8c3f656a","slug":"illegal-mining-in-chambal-river-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दुस्साहस: खनन माफिया के गुर्गे थाने के सामने से ले जा रहे बालू भरे वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुस्साहस: खनन माफिया के गुर्गे थाने के सामने से ले जा रहे बालू भरे वाहन
Sat, 29 Jun 2019 01:29 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 29 Jun 2019 01:29 PM IST
विज्ञापन
थाने के सामने से गुजरता बालू लदा वाहन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के थाना मंसुखपुरा के सामने से रेत से लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां लेकर खनन माफिया के गुर्गे आराम से गुजर रहे हैं। पुलिस इन पर कार्रवाई नहीं कर रही। सवाल उठ रहे हैं कि माफिया पर यह मेहरबानी क्यों?
दो दिन पहले ही ‘अमर उजाला’ ने खुलासा किया था कि चंबल में रात दिन अवैध खनन किया जा रहा है। इसके बावजूद न तो खनन विभाग ने छापे मारे, न प्रशासन हरकत में आया और न ही पुलिस ने अवैध खनन में वांटेड किसी माफिया की गिरफ्तारी की।
चंबल घड़ियाल संरक्षण के कारण बालू का खनन प्रतिबंधित है। इसके बाद भी माफिया खुलेआम बालू की खोदाई और ढुलाई करा रहे हैं। थाना मनसुखपुरा क्षेत्र में सबसे ज्यादा बालू का खनन हो रहा है। स्थानीय लोगों की मानें तो रात में थानों के सामने से ही बालू से भरी ट्रालियां गुजरती हैं। इस दौरान खेतों में डंप करके सुबह इनकी बिक्री की जाती है।
विज्ञापन
लोगों का आरोप है कि बालू खनन का विरोध करने वालों को भी पुलिस और वन विभाग के कर्मी माफिया की मिलीभगत से झूठे मुकदमे में फंसा देते हैं। लोग बताते हैं कि कुछ दिन पहल राजाखेड़ा के टिढावली गढ़ी निवासी रामखिलाड़ी ने अवैध खनन की शिकायत की थी। उसे झूठी शिकायत करके फंसा दिया था।
विज्ञापन
दो दिन पहले ही ‘अमर उजाला’ ने खुलासा किया था कि चंबल में रात दिन अवैध खनन किया जा रहा है। इसके बावजूद न तो खनन विभाग ने छापे मारे, न प्रशासन हरकत में आया और न ही पुलिस ने अवैध खनन में वांटेड किसी माफिया की गिरफ्तारी की।
विज्ञापन
चंबल घड़ियाल संरक्षण के कारण बालू का खनन प्रतिबंधित है। इसके बाद भी माफिया खुलेआम बालू की खोदाई और ढुलाई करा रहे हैं। थाना मनसुखपुरा क्षेत्र में सबसे ज्यादा बालू का खनन हो रहा है। स्थानीय लोगों की मानें तो रात में थानों के सामने से ही बालू से भरी ट्रालियां गुजरती हैं। इस दौरान खेतों में डंप करके सुबह इनकी बिक्री की जाती है।
विज्ञापन
लोगों का आरोप है कि बालू खनन का विरोध करने वालों को भी पुलिस और वन विभाग के कर्मी माफिया की मिलीभगत से झूठे मुकदमे में फंसा देते हैं। लोग बताते हैं कि कुछ दिन पहल राजाखेड़ा के टिढावली गढ़ी निवासी रामखिलाड़ी ने अवैध खनन की शिकायत की थी। उसे झूठी शिकायत करके फंसा दिया था।
एसएसपी साहब, कब होगी कार्रवाई ?
सवाल : खनन खुलेआम हो रहा है, थाने के सामने बालूभरी ट्रैक्टर ट्रॉलियां जा रही हैं? कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
एसएसपी जोगेंद्र सिंह : इसे दिखवाया जाएगा, अगर पुलिस ने ढिलाई बरती है, या मिलीभगत है, तो कार्रवाई जरूर की जाएगी और जल्द की जाएगी।
सवाल : आखिर कितना दिन लगेगा? पुलिस पर गोली चलाकर भी माफिया खुले घूम रहे हैं?
जवाब : शुक्रवार को ही सीओ की मीटिंग बुलाई थी, अवैध खनन में वांटेड लोगों की लिस्ट ली है, कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय दिया
गया है।
सवाल : खनन तो खुलेआम चल रहा है। आखिर इस पर कार्रवाई कब होगी?
जवाब : डीएम से बात की है। टीम बनाई जा रही है, छापे डाले जाएंगे, तैयारी हो गई है।
एसएसपी जोगेंद्र सिंह : इसे दिखवाया जाएगा, अगर पुलिस ने ढिलाई बरती है, या मिलीभगत है, तो कार्रवाई जरूर की जाएगी और जल्द की जाएगी।
सवाल : आखिर कितना दिन लगेगा? पुलिस पर गोली चलाकर भी माफिया खुले घूम रहे हैं?
जवाब : शुक्रवार को ही सीओ की मीटिंग बुलाई थी, अवैध खनन में वांटेड लोगों की लिस्ट ली है, कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय दिया
गया है।
सवाल : खनन तो खुलेआम चल रहा है। आखिर इस पर कार्रवाई कब होगी?
जवाब : डीएम से बात की है। टीम बनाई जा रही है, छापे डाले जाएंगे, तैयारी हो गई है।