कब साफ होंगे नाले: हरीपर्वत में नाले पर बने 41 मकान, करबला के पास 18, अवैध निर्माण से पटे नाले
मदिया कटरा से दिल्ली गेट होते हुए होटल सोलिटेयर हरीपर्वत चौराहे तक नाले के ऊपर 41 प्रतिष्ठान चिन्हित कर उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। क्वीन विक्टोरिया इंटर कॉलेज की दीवार से सटे नाले के ऊपर दिल्ली गेट क्षेत्र में सभी व्यवसायिक संपत्तियां बना दी गईं।
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नालों को पाटकर उनके ऊपर अवैध निर्माण करने के मामले में हरीपर्वत क्षेत्र सबसे आगे है। नगर निगम ने जब नालों की सफाई का काम शुरू किया तो एमजी रोड की पुलिया और जलभराव वाले बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार की गई।
इसमें सर्वे के बाद नगर आयुक्त को सोमवार को रिपोर्ट सौंप दी गई, जिसमें मदिया कटरा से होटल सोलिटेयर हरीपर्वत तक 41 प्रतिष्ठान नाले के ऊपर बने हुए हैं, जबकि अर्जुन नगर मोड़ पर कर्बला मैदान से सटे नाले को पाटकर 18 घर बना लिए गए, जिनके नीचे से नाला निकल रहा है। इन नालों की सफाई न होने के कारण इनमें 6 से 10 फुट तक सिल्ट और कचरा भरा है जो पीछे के क्षेत्रों में जलभराव की प्रमुख वजह है।
मदिया कटरा से दिल्ली गेट होते हुए होटल सोलिटेयर हरीपर्वत चौराहे तक नाले के ऊपर 41 प्रतिष्ठान चिन्हित कर उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। क्वीन विक्टोरिया इंटर कॉलेज की दीवार से सटे नाले के ऊपर दिल्ली गेट क्षेत्र में सभी व्यवसायिक संपत्तियां बना दी गईं। नगर आयुक्त को रिपोर्ट सौंपने के बाद सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं, वहीं अर्जुन नगर क्षेत्र में जलभराव दूर करने के लिए इंजीनियरों के सर्वे में कर्बला मैदान पर नाले के ऊपर 18 अवैध निर्माण पाए गए हैं। इन सभी को सप्ताह भर का नोटिस दिया जा रहा है, जिसके बाद भवन तोड़कर नाले की सफाई कराई जाएगी।
रेलवे लाइन के नीचे 3 फुट गहरा होगा नाला
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि अर्जुन नगर, खेरिया मोड़ क्षेत्र में जलभराव दूर करने के लिए रेलवे लाइन के नीचे से निकल रहे नाले का स्तर तीन फुट नीचे करने की जरूरत है। 10 साल पहले जब रेलवे ने नाले को कंक्रीट से तैयार कराया तो पीछे से आ रहे पानी को नजरअंदाज करते हुए 3 फुट ऊपर बना दिया, जिससे पीछे के क्षेत्रों में पानी भरने लगा। यहां पुलिया के नीचे तीन फुट गहरा कर देने से लेवल ठीक हो जाएगा और पीछे पानी भरना बंद हो जाएगा। लेवल ऊपर होने से बारिश में पानी बैक मारता है। जिससे जलभराव होता है। सोमवार को नगर आयुक्त ने रेलवे अधिकारियों से वार्ता की।
रेलवे लाइन के नीचे की पुलिया का स्तर 3 फुट ज्यादा है, जिससे पानी बैक मारता है। यहां नाला गहरा करने के साथ कर्बला के पास नाले के ऊपर बने अवैध निर्माण हटाकर सफाई कराने से जलभराव से मुक्ति मिल पाएगी। नगर निगम इसी मुहिम में लगा है। - निखिल टी फुंडे, नगर आयुक्त
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