{"_id":"6935e9b8c17f2b5ae204ba46","slug":"illegal-felling-of-green-trees-in-the-school-agra-news-c-25-1-agr1008-935616-2025-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: विद्यालय में हरे पेड़ों की अवैध कटाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: विद्यालय में हरे पेड़ों की अवैध कटाई
विज्ञापन
कागारौल। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कागारौल प्रथम में हरे पेड़ों की अवैध कटाई का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने 6 नवंबर को बिना किसी विभागीय व वन विभाग की अनुमति के विद्यालय प्रांगण में लगे वर्षो पुराने कई प्रतिबंधित हरे पेड़ कटवा दिए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पेड़ों को कटवाने में विद्यालय के बच्चों को लगाया गया, जो कानून के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत गंभीर है।
कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को विद्यालय की रसोई में मिड-डे मील बनाने के लिए जलाए जाने की भी शिकायत है, जबकि शासन से इस कार्य हेतु कंवर्जन कॉस्ट उपलब्ध कराई जाती है और रसोई में लकड़ी का प्रयोग प्रतिबंधित है। कुछ लकड़ियां विद्यालय परिसर में साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं, जबकि कुछ के बेचे जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। विद्यालय परिसर में कटे पेड़ों के ठूंठ अब भी दिखाई दे रहे हैं, जिनकी तस्वीरें भी वन विभाग को सौंपी गई हैं।
प्रभावित हुआ विद्यालय परिसर का पर्यावरण
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की कटाई से विद्यालय परिसर का पर्यावरण प्रभावित हुआ है, जिससे ऑक्सीजन की कमी, वायु प्रदूषण, जैव विविधता का नुकसान और वर्षा चक्र में बाधा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय में वृक्षारोपण कार्यक्रम वर्षों से केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित रहा है। वन विभाग के क्षेत्राधिकारी संयक कैन ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। टीम भेजकर स्थल निरीक्षण किया गया है, विद्यालय प्रांगण में कुछ ठूंठ मिले हैं। जांच की जा रही है, रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को विद्यालय की रसोई में मिड-डे मील बनाने के लिए जलाए जाने की भी शिकायत है, जबकि शासन से इस कार्य हेतु कंवर्जन कॉस्ट उपलब्ध कराई जाती है और रसोई में लकड़ी का प्रयोग प्रतिबंधित है। कुछ लकड़ियां विद्यालय परिसर में साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं, जबकि कुछ के बेचे जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। विद्यालय परिसर में कटे पेड़ों के ठूंठ अब भी दिखाई दे रहे हैं, जिनकी तस्वीरें भी वन विभाग को सौंपी गई हैं।
विज्ञापन
प्रभावित हुआ विद्यालय परिसर का पर्यावरण
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की कटाई से विद्यालय परिसर का पर्यावरण प्रभावित हुआ है, जिससे ऑक्सीजन की कमी, वायु प्रदूषण, जैव विविधता का नुकसान और वर्षा चक्र में बाधा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय में वृक्षारोपण कार्यक्रम वर्षों से केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित रहा है। वन विभाग के क्षेत्राधिकारी संयक कैन ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। टीम भेजकर स्थल निरीक्षण किया गया है, विद्यालय प्रांगण में कुछ ठूंठ मिले हैं। जांच की जा रही है, रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन