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तो बिना अनुमति किए आपरेशन
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 09 Jan 2015 02:31 AM IST
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मथुरा की बांके बिहारी मानव कल्याणं करोति समिति 22 नवंबर को आयोजित मोतियाबिंद आपरेशन शिविर की अनुमति जांच कमेटी के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकी है। इसी शिविर में आपरेशन के बाद 12 मरीजों की नेत्र ज्योति जाने का आरोप है। बृहस्पतिवार को जांच समिति को मानव कल्याणं करोति समिति की ओर से सौंपे गए कागजात में सिर्फ 15 अक्तूबर तक के ऐसे शिविर की अनुमति ही शामिल है। उधर एसएन मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती इन पीड़ितों की आंख के संक्रमण में काफी सुधार है।
मथुरा जिला प्रशासन की ओर गठित कमेटी में शामिल जांच अधिकारी नगर मजिस्ट्रेट हेम सिंह को समिति अध्यक्ष ने जो दस्तावेज उपलब्ध कराए उनमें महर्षि दयानंद अस्पताल के नेत्र सर्जन डा. राजेंद्र सिंह द्वारा ऑपरेशन थियेटर का निरीक्षण करने की बात दर्ज है। इस बाबत पूछने पर डा. राजेंद्र सिंह ने अमर उजाला को बताया कि सीएमओ कार्यालय से सितंबर माह में पत्र के अनुपालन में उन्होंने जो आख्या दी थी वह 15 अक्टूबर तक नेत्र शिविर आयोजन के संबंध में थी। नवंबर माह में हुए आपरेशन के लिए अस्पताल का निरीक्षण किसने किया वह नहीं जानते। इसके बावजूद जांच समिति ने उनसे बात नहीं की।
हालांकि कुछ दिन पहले सीएमओ डा. बीएस यादव ने बताया था कि एसीएमओ डा. राजेंद्र कुमार ने इस एनजीओ के आपरेशन थियेटर, पैरामेडिकल स्टॉफ की जांच रिपोर्ट दी थी। इसी के आधार पर अनुमति दी गई। लेकिन समिति का यह इसे न दिखा पाने से किसी गंभीर गड़बड़झाले की आशंका खड़ी हो गई है। फिर भी जांच समिति ने अभी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की है। यहां यह भी उल्लेखनीय है गत दिवस जांच समिति के समक्ष पेश हुए समिति के पदाधिकारी कागजात लाने के बात कह कर कल तक लौटे ही नहीं थे। आपरेशन करने वाले चिकित्सक का भी अब तक पता नहीं लगाया जा सका है।
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जांच समिति गुरुवार को भी अपनी रिपोर्ट पूरी नहीं कर सकी। डीएम ने इस समिति को दो दिन का समय दिया था जो बुधवार को ही समाप्त हो चुका है। उधर, आंखों में संक्रमण के कारण एसएन मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती मरीज अब इसके फैलने के खतरे से बाहर हैं। इनका इलाज कर रहे डा. पीके गुप्ता ने बताया कि इन्हें दो-तीन दिन बाद छुट्टी दी जा सकती है।
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मथुरा जिला प्रशासन की ओर गठित कमेटी में शामिल जांच अधिकारी नगर मजिस्ट्रेट हेम सिंह को समिति अध्यक्ष ने जो दस्तावेज उपलब्ध कराए उनमें महर्षि दयानंद अस्पताल के नेत्र सर्जन डा. राजेंद्र सिंह द्वारा ऑपरेशन थियेटर का निरीक्षण करने की बात दर्ज है। इस बाबत पूछने पर डा. राजेंद्र सिंह ने अमर उजाला को बताया कि सीएमओ कार्यालय से सितंबर माह में पत्र के अनुपालन में उन्होंने जो आख्या दी थी वह 15 अक्टूबर तक नेत्र शिविर आयोजन के संबंध में थी। नवंबर माह में हुए आपरेशन के लिए अस्पताल का निरीक्षण किसने किया वह नहीं जानते। इसके बावजूद जांच समिति ने उनसे बात नहीं की।
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हालांकि कुछ दिन पहले सीएमओ डा. बीएस यादव ने बताया था कि एसीएमओ डा. राजेंद्र कुमार ने इस एनजीओ के आपरेशन थियेटर, पैरामेडिकल स्टॉफ की जांच रिपोर्ट दी थी। इसी के आधार पर अनुमति दी गई। लेकिन समिति का यह इसे न दिखा पाने से किसी गंभीर गड़बड़झाले की आशंका खड़ी हो गई है। फिर भी जांच समिति ने अभी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की है। यहां यह भी उल्लेखनीय है गत दिवस जांच समिति के समक्ष पेश हुए समिति के पदाधिकारी कागजात लाने के बात कह कर कल तक लौटे ही नहीं थे। आपरेशन करने वाले चिकित्सक का भी अब तक पता नहीं लगाया जा सका है।
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जांच समिति गुरुवार को भी अपनी रिपोर्ट पूरी नहीं कर सकी। डीएम ने इस समिति को दो दिन का समय दिया था जो बुधवार को ही समाप्त हो चुका है। उधर, आंखों में संक्रमण के कारण एसएन मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती मरीज अब इसके फैलने के खतरे से बाहर हैं। इनका इलाज कर रहे डा. पीके गुप्ता ने बताया कि इन्हें दो-तीन दिन बाद छुट्टी दी जा सकती है।