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फर्जी आईएएस मंजीत राज की एक और करतूत आई सामने, ऐसे बनाता था लोगों को शिकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 07 Jun 2018 04:16 PM IST
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आरोपी मंजीत राज
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खुद को पुदुचेरी के उपराज्यपाल का ओएसडी बताने वाले फर्जी आईएएस मंजीत राज की करतूतें अब एक एक कर सामने आ रही हैं। आगरा पुलिस के मुताबिक उसने आईएएस अधिकारी का आईकार्ड भी बना रखा था। वो इसका इस्तेमाल भी कर रहा था।
पुलिस ने इसी आधार पर उसके खिलाफ दर्ज केस में जालसाजी की धाराएं बढ़ा दी हैं, इनमें जमानत मिलना मुश्किल है। पुलिस को शक है कि वो गिरोह बनाकर काम कर रहा था, इसमें उसके पिता और चाचा भी शामिल हैं।
यह लोग उसकी सगाई कराने के लिए उसके साथ आगरा आए थे, इन्हें उसकी जालसाजी का पहले से मालूम था। पुलिस को अब ऐसे लोगों की तलाश है, जिनके साथ इन लोगों जालसाजी की है।
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पुलिस ने इसी आधार पर उसके खिलाफ दर्ज केस में जालसाजी की धाराएं बढ़ा दी हैं, इनमें जमानत मिलना मुश्किल है। पुलिस को शक है कि वो गिरोह बनाकर काम कर रहा था, इसमें उसके पिता और चाचा भी शामिल हैं।
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यह लोग उसकी सगाई कराने के लिए उसके साथ आगरा आए थे, इन्हें उसकी जालसाजी का पहले से मालूम था। पुलिस को अब ऐसे लोगों की तलाश है, जिनके साथ इन लोगों जालसाजी की है।
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गिरोह बनाकर करते थे काम
अभी तक की जानकारी यह है कि यह गिरोह नौकरी और ठेके दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था। मनजीत राज का रुतबा देखकर लोग शिकायत करने से डरते रहे। 2014 का आईएएस ऑफिसर बताता था।
उसकी फेसबुक की फ्रेंडलिस्ट में कई अधिकारी हैं। वे पुलिस को फोन कर उसकी जालसाजी के बारे में जानकारी कर रहे हैं। पुलिस अब यह भी मालूम कर रही है कि उसने फर्जी परिचय पत्र कहां से बनवाया?
मंजीत राज ने गाड़ी पर नीली बत्ती लगा रखी थी, उसे उसने 300 रुपये में खरीदा था। वो टोल प्लाजा आते ही हूटर बजाने लगता था। कहीं भी उसने टोल टैक्स नहीं दिया। अगर कहीं थोड़ी देर रुकना पड़ जाता तो वो टोलकर्मियों को हड़काता था।
उसकी फेसबुक की फ्रेंडलिस्ट में कई अधिकारी हैं। वे पुलिस को फोन कर उसकी जालसाजी के बारे में जानकारी कर रहे हैं। पुलिस अब यह भी मालूम कर रही है कि उसने फर्जी परिचय पत्र कहां से बनवाया?
मंजीत राज ने गाड़ी पर नीली बत्ती लगा रखी थी, उसे उसने 300 रुपये में खरीदा था। वो टोल प्लाजा आते ही हूटर बजाने लगता था। कहीं भी उसने टोल टैक्स नहीं दिया। अगर कहीं थोड़ी देर रुकना पड़ जाता तो वो टोलकर्मियों को हड़काता था।