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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Hundreds of accounts were opened under the guise of the Women's Health Mission Trust and the defrauded funds were sent.

Agra News: महिला स्वास्थ्य मिशन ट्रस्ट की आड़ में सैकड़ों खाते खुलवाए, भेजी ठगी की रकम

Sat, 22 Nov 2025 03:04 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 22 Nov 2025 03:04 AM IST
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Hundreds of accounts were opened under the guise of the Women's Health Mission Trust and the defrauded funds were sent.
ट्रस्ट का बैनर
आगरा। महिला स्वास्थ्य मिशन ट्रस्ट और धार्मिक आयोजनों के नाम पर आम जनता से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के सदस्य रवि को एसटीएफ ने आगरा से गिरफ्तार किया है। गिरोह महिलाओं के बैंक खाते खुलवाकर और उनके नाम से सिम जारी कराकर साइबर ठगी की रकम जमा कराता था। इसके बदले में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के साइबर ठग ट्रस्ट को कमीशन देते थे।
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एसटीएफ की आगरा यूनिट ने मैनपुरी में 50 हजार के इनामी अजय उर्फ बिल्लू की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को गिरोह का भंडाफोड़ किया। मुख्य आरोपी ट्रस्ट का अध्यक्ष रवि प्रकाश भी पकड़ा गया है। वह देवरिया का रहने वाला है। वह सैकड़ों महिलाओं के खाते खुलवा चुका है।
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एसटीएफ के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोपहर में अजय उर्फ बिल्लू को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद रात 9:10 बजे आवास विकास काॅलोनी के महाजन काॅम्प्लेक्स के पास से बहादुरपुर, खुखुंदू, देवरिया निवासी रवि प्रकाश को गिरफ्तार किया गया। उसने बताया कि काॅम्प्लेक्स में ही महिला स्वास्थ्य मिशन ट्रस्ट का कार्यालय है। वह ट्रस्ट का अध्यक्ष है।
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निरीक्षक ने बताया कि ट्रस्ट की आड़ में रवि खासताैर पर महिलाओं को बुलाता था। 100 रुपये लेकर उनके आईडी कार्ड बनाता था। इसके लिए उनसे आधार कार्ड, फोटो लेता था। खाते खुलवाने के लिए कागजात पर हस्ताक्षर कराते थे। उनके कागजात पर सिम भी ले लेते थे। इन खातों में सिम का नंबर जुड़ा होता था। इसके बाद खातों को साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय साइबर अपराधी इन खातों में ठगी की रकम जमा कराते थे। यह खातों में आने के बाद निकाल ली जाती थी। इसके बदले ट्रस्ट के लोगों को कमीशन मिलता था। आरोपी रवि प्रकाश का एक साथी पुनीत अपार्टमेंट जयपुर हाउस निवासी एलिस भाग गया है। उसकी तलाश की जा रही है। इन लोगों ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप भी बना रखा है।
आर्थिक मदद का देते थे भरोसा
एसटीएफ के मुताबिक, ट्रस्ट के नाम पर धार्मिक आयोजन भी कराए जाते हैं। इसमें लोगों को बुलाकर बताया जाता है कि ट्रस्ट गरीबों की मदद करता है। इसी आधार पर खाते खुलवाते और डेबिट कार्ड तक ले लेते हैं। धार्मिक आयोजन के नाम पर भी चंदा लिया जाता था। एसटीएफ से आवास विकास काॅलोनी निवासी ललित गर्ग और सतीश चंद्र ने शिकायत की थी।
ललित ने बताया था कि उसका खाता फ्रीज हो गया है। उसने रवि से बीमारी के इलाज के लिए 50 हजार रुपये उधार लिए थे। तभी उसने खाता खुलवा दिया। चेक बुक और अन्य कागजात अपने पास रख लिए। इसमें साइबर ठगी की रकम आई है। आरोपी से होंडा सिटी, ईको स्पोर्ट्स कार, आठ डेबिट कार्ड, आठ चेक बुक, दो पैनकार्ड, तीन सिम, एक लैपटाॅप, चार मुहरें, तीन मोबाइल, 32 ट्रस्ट के कार्ड, 10 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।

कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ था अजय
एसटीएफ के मुताबिक, अजय उर्फ बिल्लू के खिलाफ वर्ष 2007 में हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उसके चचेरे भाई नीरज सहित दो को आजीवन कारावास की सजा हुई है। सजा के समय अजय उर्फ बिल्लू कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ था। उसे मफरूर यानी भगोड़ा घोषित कर दिया गया। उसकी तलाश की जा रही थी। एसटीएफ भी उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी थी। राजस्थान के कोटा जिले से भी वह जानलेवा हमले के एक मुकदमे में मफरूर था।


ट्रस्ट के लिए चंदा कर रहे थे इकट्ठा
पूछताछ में रवि प्रकाश ने बताया था कि लखनऊ में भी ट्रस्ट खोला था। मगर वहां ज्यादा लोगों के खाते नहीं खुलवा सके। बाद में उसे बंद करना पड़ा। 2 साल पहले अजय से मुलाकात हुई। दोनों ने मिलकर ट्रस्ट के बड़ी संख्या में सदस्य बनाए। वह 3 से 13 दिसंबर तक कई आयोजन करने वाले थे। इसमें युवतियों के सामूहिक विवाह के आयोजन भी थे। इसके लिए चंदा इकट्ठा कर रहे थे।
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