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सौ साल पुरानी कलाकृतियों का कराना होगा पंजीकरण, छिपाकर रखे तो होगी कानूनी कार्रवाई
Fri, 13 Sep 2019 12:27 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 13 Sep 2019 12:27 AM IST
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अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार
- फोटो : अमर उजाला
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यदि आपके पास 100 वर्ष से अधिक पुरानी कोई कलाकृति है या पुरावशेष है तो उसे छिपाएं नहीं बल्कि उसका पंजीकरण कराएं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, संस्कृति मंत्रालय द्वारा पुरावशेषों के पंजीकरण के लिए 15 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है।
इसकी शुरुआत आज (13 सितंबर) से हो रही है, जो 28 सितंबर तक चलेगा। विभाग द्वारा यह अभियान पुरावशेषों और बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम 1972 की धारा 14 के तहत चलाया जा रहा है।
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने गुरुवार को कार्यालय पर प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि एतिहासिक महत्व वाले पुरावशेष या वस्तु का पंजीकरण कराकर उसे अपने पास रख सकेंगे। उन्हें इन बहुमूल्य कलाकृति, दस्तावेज या पुरावशेष को पुरातत्व विभाग में जमा नहीं करना होगा।
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इसकी शुरुआत आज (13 सितंबर) से हो रही है, जो 28 सितंबर तक चलेगा। विभाग द्वारा यह अभियान पुरावशेषों और बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम 1972 की धारा 14 के तहत चलाया जा रहा है।
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अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने गुरुवार को कार्यालय पर प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि एतिहासिक महत्व वाले पुरावशेष या वस्तु का पंजीकरण कराकर उसे अपने पास रख सकेंगे। उन्हें इन बहुमूल्य कलाकृति, दस्तावेज या पुरावशेष को पुरातत्व विभाग में जमा नहीं करना होगा।
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उन्हें एएसआई के कार्यालय पर जाकर एक फार्म भरना होगा। इसके बाद उक्त वस्तु, दस्तावेज या पुरावशेष को अपने घर ही रखें। इसकी एतिहासिकता की जांच एएसआई की टीम करेगी।
अधीक्षण पुरातत्वविद ने बताया कि पंजीकरण न कराने वाले व्यक्ति के पास भविष्य में यदि कोई एतिहासिक महत्व की वस्तु मिलती है तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।
तीन दिवसीय प्रदर्शनी भी लगेगी
एतिहासिक महत्व वाले पंजीकृत दस्तावेज, कलाकृति आदि की तीन दिवसीय प्रदर्शन भी लगेगी। 25 से 27 सितंबर तक एएसआई के मंडल कार्यालय पर यह प्रदर्शनी लगेगी। प्रदर्शनी के बाद पुरावशेषों को उनके स्वामी को वापस कर दिया जाएगा।
अधीक्षण पुरातत्वविद ने बताया कि पंजीकरण न कराने वाले व्यक्ति के पास भविष्य में यदि कोई एतिहासिक महत्व की वस्तु मिलती है तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।
तीन दिवसीय प्रदर्शनी भी लगेगी
एतिहासिक महत्व वाले पंजीकृत दस्तावेज, कलाकृति आदि की तीन दिवसीय प्रदर्शन भी लगेगी। 25 से 27 सितंबर तक एएसआई के मंडल कार्यालय पर यह प्रदर्शनी लगेगी। प्रदर्शनी के बाद पुरावशेषों को उनके स्वामी को वापस कर दिया जाएगा।