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हाउस टैक्स जमा नहीं किया तो कटेगा पानी का कनेक्शन
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आगरा। अगर 31 मार्च तक हाउस टैक्स जमा नहीं किया तो नगर निगम एक अप्रैल से पानी का कनेक्शन काट देगा। हाउस टैक्स जमा करने वालों की बेहद कम संख्या देखते हुए नगर निगम ने तय किया है कि नए वित्तीय वर्ष यानी एक अप्रैल से हाउस टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करने वालों के खिलाफ सख्ती की जाएगी। सबसे पहले उनका पानी का कनेक्शन काटा जाएगा और उसके बाद उनके खिलाफ अन्य कार्रवाई की जाएंगी, जिसमें नोटिस और आरसी जारी करने जैसे कदम भी शामिल हैं।
शहर में 3.20 लाख से ज्यादा घर और प्रतिष्ठान हैं। इनमें से केवल 20 फीसदी घरों से ही नगर निगम को सीवर और हाउस टैक्स मिल पा रहा है, जबकि जलकल विभाग के ही शहर में 1.64 लाख से ज्यादा पानी के कनेक्शन हैं। ऐसे में एक लाख घर तो ऐसे हैं जो नगर निगम से पानी तो ले रहे हैं, पर हाउस टैक्स जमा नहीं कर रहे। नगर निगम का मानना है कि अगर पानी के कनेक्शन वाले घरों पर ही फोकस किया जाए तो कम से कम 1.64 लाख घरों से टैक्स आना तो शुरू हो ही जाएगा, इसीलिए पानी का कनेक्शन काटने की योजना एक अप्रैल से लागू कर दी जाएगी।
टैक्स वसूली के लिए नहीं आएंगे इंस्पेक्टर, लोग खुद जमा करने जाएं
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि शासन ने स्वकर प्रणाली लागू की है, लेकिन जब लोग टैक्स खुद जमा नहीं कर रहे तो टैक्स इंस्पेक्टर उनके घर टैक्स वसूलने जाते हैं। वह इस व्यवस्था को नए वित्तीय वर्ष में खत्म कर देंगे। हर घर पर जाकर टैक्स जमा करने की जगह लोग नगर निगम, जोनल कार्यालयों, कैंप और ऑन लाइन टैक्स जमा करें। ज्यादा से ज्यादा लोग सीवर और हाउस टैक्स ऑनलाइन जमा करें। इंस्पेक्टर के घर पर जाने से ही भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। टैक्स का दायरा बढ़ाने के लिए इंस्पेक्टरों को लगाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा घरों से टैक्स मिलना शुरू हो।
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20 फीसदी से ही मिल रहा टैक्स
शहर में जितनी संपत्तियां और मकान हैं, उनमें से केवल 20 फीसदी से ही हाउस टैक्स मिल रहा है। टैक्स जमा न करने वाले घरों, प्रतिष्ठानों का पानी का कनेक्शन काटा जाएगा। 31 मार्च तक वह अपना टैक्स जमा कर दें। एक अप्रैल से हमारी कार्रवाई शुरू हो जाएगी। - निखिल टी फुंडे, नगर आयुक्त
तीन गुना ज्यादा जमा हुआ ऑनलाइन टैक्स
आगरा। नगर निगम में इस साल ऑन लाइन टैक्स जमा करने वालों की संख्या बीते साल से तीन गुना ज्यादा बढ़ी है। इस वित्तीय वर्ष के 10 महीनों में ऑनलाइन टैक्स जमा करने वालों की संख्या 12,150 हो गई, जो बीते साल महज 4439 थी। इससे इस साल कुल टैक्स जमा करने वाले घरों की संख्या भी बढ़ी है। बीते साल केवल 53, 598 घरों, प्रतिष्ठानों से नगर निगम को 41.34 करोड़ रुपये का टैक्स मिला था, लेकिन इस बार 10 महीने में 64,693 घरों से 31.84 करोड़ रुपये का टैक्स मिल पाया है। अभी 31 मार्च तक निगम को 70 करोड़ रुपये के टैक्स का लक्ष्य पूरा करना है। नगर निगम सदन में इस साल के लिए 70 करोड़ रुपये टैक्स का लक्ष्य रखा गया था।
ऑनलाइन टैक्स जमा करने वालों की संख्या तो दस महीने में तीन गुना बढ़ी है, बल्कि टैक्स भी 300 फीसदी ज्यादा जमा हुआ। बीते साल ऑनलाइन तरीके से केवल 97.82 लाख टैक्स जमा हुआ था तो इस बार दस माह में 2.91 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। अभी दो माह का समय बाकी है। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता के मुताबिक पीओएस मशीनों से टैक्स जमा करने वालों की संख्या में इस साल जबरदस्त उछाल आया। हाथ की रसीद की जगह लोगों ने पीओएस मशीन से टैक्स जमा कराया, वहीं कोरोना संक्रमण काल ने ऑनलाइन टैक्स जमा करने वालों की संख्या में बीते साल से तीन गुना की बढ़ोतरी कर दी। अब तक 12,150 लोग ऑनलाइन टैक्स जमा कर चुके हैं। कॉमर्शियल संपत्तियों की जगह घरों से ज्यादा टैक्स आया है। होटल, फैक्टरी, शोरूम का टैक्स इस साल कम मिला है।
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शहर में 3.20 लाख से ज्यादा घर और प्रतिष्ठान हैं। इनमें से केवल 20 फीसदी घरों से ही नगर निगम को सीवर और हाउस टैक्स मिल पा रहा है, जबकि जलकल विभाग के ही शहर में 1.64 लाख से ज्यादा पानी के कनेक्शन हैं। ऐसे में एक लाख घर तो ऐसे हैं जो नगर निगम से पानी तो ले रहे हैं, पर हाउस टैक्स जमा नहीं कर रहे। नगर निगम का मानना है कि अगर पानी के कनेक्शन वाले घरों पर ही फोकस किया जाए तो कम से कम 1.64 लाख घरों से टैक्स आना तो शुरू हो ही जाएगा, इसीलिए पानी का कनेक्शन काटने की योजना एक अप्रैल से लागू कर दी जाएगी।
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टैक्स वसूली के लिए नहीं आएंगे इंस्पेक्टर, लोग खुद जमा करने जाएं
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि शासन ने स्वकर प्रणाली लागू की है, लेकिन जब लोग टैक्स खुद जमा नहीं कर रहे तो टैक्स इंस्पेक्टर उनके घर टैक्स वसूलने जाते हैं। वह इस व्यवस्था को नए वित्तीय वर्ष में खत्म कर देंगे। हर घर पर जाकर टैक्स जमा करने की जगह लोग नगर निगम, जोनल कार्यालयों, कैंप और ऑन लाइन टैक्स जमा करें। ज्यादा से ज्यादा लोग सीवर और हाउस टैक्स ऑनलाइन जमा करें। इंस्पेक्टर के घर पर जाने से ही भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। टैक्स का दायरा बढ़ाने के लिए इंस्पेक्टरों को लगाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा घरों से टैक्स मिलना शुरू हो।
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20 फीसदी से ही मिल रहा टैक्स
शहर में जितनी संपत्तियां और मकान हैं, उनमें से केवल 20 फीसदी से ही हाउस टैक्स मिल रहा है। टैक्स जमा न करने वाले घरों, प्रतिष्ठानों का पानी का कनेक्शन काटा जाएगा। 31 मार्च तक वह अपना टैक्स जमा कर दें। एक अप्रैल से हमारी कार्रवाई शुरू हो जाएगी। - निखिल टी फुंडे, नगर आयुक्त
तीन गुना ज्यादा जमा हुआ ऑनलाइन टैक्स
आगरा। नगर निगम में इस साल ऑन लाइन टैक्स जमा करने वालों की संख्या बीते साल से तीन गुना ज्यादा बढ़ी है। इस वित्तीय वर्ष के 10 महीनों में ऑनलाइन टैक्स जमा करने वालों की संख्या 12,150 हो गई, जो बीते साल महज 4439 थी। इससे इस साल कुल टैक्स जमा करने वाले घरों की संख्या भी बढ़ी है। बीते साल केवल 53, 598 घरों, प्रतिष्ठानों से नगर निगम को 41.34 करोड़ रुपये का टैक्स मिला था, लेकिन इस बार 10 महीने में 64,693 घरों से 31.84 करोड़ रुपये का टैक्स मिल पाया है। अभी 31 मार्च तक निगम को 70 करोड़ रुपये के टैक्स का लक्ष्य पूरा करना है। नगर निगम सदन में इस साल के लिए 70 करोड़ रुपये टैक्स का लक्ष्य रखा गया था।
ऑनलाइन टैक्स जमा करने वालों की संख्या तो दस महीने में तीन गुना बढ़ी है, बल्कि टैक्स भी 300 फीसदी ज्यादा जमा हुआ। बीते साल ऑनलाइन तरीके से केवल 97.82 लाख टैक्स जमा हुआ था तो इस बार दस माह में 2.91 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। अभी दो माह का समय बाकी है। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता के मुताबिक पीओएस मशीनों से टैक्स जमा करने वालों की संख्या में इस साल जबरदस्त उछाल आया। हाथ की रसीद की जगह लोगों ने पीओएस मशीन से टैक्स जमा कराया, वहीं कोरोना संक्रमण काल ने ऑनलाइन टैक्स जमा करने वालों की संख्या में बीते साल से तीन गुना की बढ़ोतरी कर दी। अब तक 12,150 लोग ऑनलाइन टैक्स जमा कर चुके हैं। कॉमर्शियल संपत्तियों की जगह घरों से ज्यादा टैक्स आया है। होटल, फैक्टरी, शोरूम का टैक्स इस साल कम मिला है।