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लड़का है या लड़की: 90 हजार में भ्रूण लिंग जांच, जिस अस्पताल में चल रहा था ये खेल, वो अभी नहीं हुआ सील
Thu, 24 Sep 2026 10:26 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 24 Sep 2026 10:26 AM IST
सार
ग्वालियर रोड स्थित संस्कार हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में बिना पंजीकरण भ्रूण लिंग जांच किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस की जांच में अंतरराज्यीय गैंग के तार सामने आए हैं, लेकिन पकड़े जाने के बाद भी अस्पताल को अभी तक सील नहीं किया गया है।
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संस्कार हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के ग्वालियर रोड स्थित संस्कार हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर बिना पंजीकरण के चल रहा था। इसमें इलाज के नाम पर भ्रूण लिंग जांच की जा रही थी। लापरवाही का आलम यह है कि भ्रूण लिंग जांच पकड़े जाने के बाद भी इसे अभी तक सील नहीं किया है। पुलिस की अभी तक की जांच में यह अंतरराज्यीय भ्रूण लिंग गैंग है। पुलिस की जांच के दायरे में कई अन्य लोग भी शामिल हैं।
संस्कार हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के बोर्ड पर अस्पताल का पंजीकरण संख्या समेत अन्य जानकारी भी दर्ज नहीं है। इतने पर भी इसकी जांच नहीं की गई। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि यहां पूर्व में किसी और नाम से अस्पताल संचालित होता था। यहां गर्भवती महिलाएं आती थीं लेकिन प्रसव नहीं कराया जाता था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में राजस्थान, मध्यप्रदेश से भी गर्भवती महिलाओं के भ्रूण लिंग जांच कराने के आने की जानकारी मिली है। ये एजेंट के जरिए ही पहुंचती हैं। ये अंतरराज्यीय गैंग है, इसके एजेंट मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लोग शामिल हैं।
90 हजार में सौदा, सभी का कमीशन तय
भ्रूण लिंग जांच के लिए गैंग 90 हजार से डेढ़ लाख रुपये में सौदा करता था। इसमें सरगना, एजेंट, जांच करने वाले लोगों को कमीशन दिया जाता था। पीसीएनडीटी अधिनियम सेल के नोडल अधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि भ्रूण लिंग जांच के लिए 90 हजार रुपये में सौदा हुआ था। 50 हजार रुपये मुख्य सरगना ने रख लिए, 40 हजार रुपये अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच कराने वाले अस्पताल संचालक को देने थे।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में एफआईआर हो चुकी है, पुलिस जांच कर रही है। सीएचसी प्रभारी से इसे बंद कराने को कहा है। इसकी रिपोर्ट भी मांगी है।
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संस्कार हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के बोर्ड पर अस्पताल का पंजीकरण संख्या समेत अन्य जानकारी भी दर्ज नहीं है। इतने पर भी इसकी जांच नहीं की गई। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि यहां पूर्व में किसी और नाम से अस्पताल संचालित होता था। यहां गर्भवती महिलाएं आती थीं लेकिन प्रसव नहीं कराया जाता था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में राजस्थान, मध्यप्रदेश से भी गर्भवती महिलाओं के भ्रूण लिंग जांच कराने के आने की जानकारी मिली है। ये एजेंट के जरिए ही पहुंचती हैं। ये अंतरराज्यीय गैंग है, इसके एजेंट मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लोग शामिल हैं।
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90 हजार में सौदा, सभी का कमीशन तय
भ्रूण लिंग जांच के लिए गैंग 90 हजार से डेढ़ लाख रुपये में सौदा करता था। इसमें सरगना, एजेंट, जांच करने वाले लोगों को कमीशन दिया जाता था। पीसीएनडीटी अधिनियम सेल के नोडल अधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि भ्रूण लिंग जांच के लिए 90 हजार रुपये में सौदा हुआ था। 50 हजार रुपये मुख्य सरगना ने रख लिए, 40 हजार रुपये अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच कराने वाले अस्पताल संचालक को देने थे।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में एफआईआर हो चुकी है, पुलिस जांच कर रही है। सीएचसी प्रभारी से इसे बंद कराने को कहा है। इसकी रिपोर्ट भी मांगी है।