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UP: पेट दर्द या गैस से रोते हुए बच्चों के लिए हींग का ये नुस्खा हो सकता है जानलेवा, चिकित्सकों ने दी चेतावनी
Tue, 24 Sep 2024 09:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 24 Sep 2024 09:06 AM IST
सार
पेट दर्द या गैस से रोते हुए बच्चों को राहत देने के लिए अक्सर उन्हें हींग का घोल पिला दिया जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि ये घरेलू नुस्खा मासूमों के लिए जानलेवा हो सकता है।
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नवजात
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
नवजात को भूत-बयार से बचाने, पेट दर्द दूर करने के लिए नवजात को हींग का घोल पिलाया जा रहा है। जिला महिला अस्पताल में लोग ऐसे नवजातों को लेकर पहुंच रहे हैं। अपनों के टोटके से ये बीमार पड़ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी मिश्रा का कहना है कि हींग का घोल पिलाना शिशु के लिए जानलेवा हो सकता है।
डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि हींग का घोल बच्चे के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। इससे बच्चे को उल्टी होती है और निमोनिया भी हो सकता है। यदि सांस की नली में हींग फंस जाए तो बच्चे की जान भी जा सकती है। हींग को शिशु के शरीर पर लेप की तरह भी न लगाएं।
उन्होंने बताया कि 6 माह तक शिशु को सिर्फ मां का ही दूध पिलाएं। शिशु के लिए वही रामबाण है। मां का पीला गाढ़ा दूध ही बच्चे के विकास व पाचन में सहायक होता है। एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव ने बताया कि अक्सर नवजात के पेट में दर्द होने पर हींग का घोल लगाते हैं, जबकि उससे कोई फायदा नहीं होता।
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बच्चे को हींग की दुर्गंध से परेशानी होती है और वह चिड़चिड़ा हो जाता है। शिशु बोलकर अपनी तकलीफ नहीं बता सकता। वह यदि रो रहा है तो आप उसे डॉक्टर से दिखाएं न कि पेटदर्द समझ हींग का उपाय करने लग जाएं।
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डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि हींग का घोल बच्चे के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। इससे बच्चे को उल्टी होती है और निमोनिया भी हो सकता है। यदि सांस की नली में हींग फंस जाए तो बच्चे की जान भी जा सकती है। हींग को शिशु के शरीर पर लेप की तरह भी न लगाएं।
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उन्होंने बताया कि 6 माह तक शिशु को सिर्फ मां का ही दूध पिलाएं। शिशु के लिए वही रामबाण है। मां का पीला गाढ़ा दूध ही बच्चे के विकास व पाचन में सहायक होता है। एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव ने बताया कि अक्सर नवजात के पेट में दर्द होने पर हींग का घोल लगाते हैं, जबकि उससे कोई फायदा नहीं होता।
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बच्चे को हींग की दुर्गंध से परेशानी होती है और वह चिड़चिड़ा हो जाता है। शिशु बोलकर अपनी तकलीफ नहीं बता सकता। वह यदि रो रहा है तो आप उसे डॉक्टर से दिखाएं न कि पेटदर्द समझ हींग का उपाय करने लग जाएं।