Holi 2023: इस शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना के साथ किया जाएगा होलिका दहन, बन रहे हैं पांच महायोग
मैनपुरी में होलिका दहन को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। लोगों ने आचार्यों व ज्योतिषों से बात करके शुभ मुहूर्त और पूजा विधि की जानकारी ली है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है ?
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में होली पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। मंगलवार की शाम जिले के ढाई हजार स्थानों पर शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना के साथ होलिका दहन किया जाएगा। रंगों की होली बुधवार को खेली जाएगी। होली के त्योहार पर इस बार पांच महायोग भी बन रहे हैं।
इस वर्ष रंगों की होली 8 मार्च को मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार होली के एक दिन पहले यानी फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को प्रदोष काल में होलिका दहन करने की महत्व होता है। होलिका दहन के बाद यानी अगले दिन रंगों वाली होली धूमधाम के साथ खेली जाती है।
आज होगा होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि में प्रदोष काल में होलिका दहन होती है। ऐसे में इस वर्ष होलिका दहन सात मार्च यानी मंगलवार को होगा। होलिका दहन के दिन सात मार्च को भद्रा सुबह 5.15 बजे तक है। ऐसे में प्रदोष काल में होलिका दहन के समय भद्रा का साया नहीं रहेगा।
होलिका दहन शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 07 मार्च को शाम को 06 बजकर 24 मिनट से लेकर रात्रि के 8 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में होलिका दहन करना शुभ होगा।
पूजा की विधि
होलिका को चंदन, अक्षत और फूल सहित पूजन सामग्री चढ़ाकर पूजा करें। पूजा के समय पूर्व या उत्तर दिशा में मुंह होना चाहिए। घर में बने हुए सात तरह के पकवानों और पूजन सामग्री से होलिका की पूजा होती है। भोग भी लगाया जाता है। होलिका दहन देखने से नकारात्मकता का दहन होता है।