सुरक्षा के लिए बाउंसर और हाथों में राइफल: कोई फिल्मी हस्ती नहीं हिस्ट्रीशीटर का ऐसा भौकाल, देखकर कांपते थे लोग
पुलिस मुठभेड़ में जो हिस्ट्रीशीटर और मुख्य गुर्गा गोली लगने से घायल हुआ है, उसका भौकाल गजब का था। दो बोलेरो में निजी सुरक्षा गार्डों के साथ दहशत बना रखी थी।
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मथुरा के हिस्ट्रीशीटर का भौकाल गजब का था। एक दर्जन से अधिक बाउंसर, सभी की एक सी ड्रेस, हाथों में राइफल। यह किसी फिल्म की सीन नहीं है बल्कि लोगों से रंगदारी वसूलने के लिए हिस्ट्रीशीटर महेंद्र सिंह के भौकाल की सच्चाई है। वह क्षेत्र में लगातार रंगदारी वसूलता रहा और पुलिस सोती रही। रंगदारी से तंग आकर एक पीड़ित ने शिकायत की तब जाकर पुलिस की निंद्रा टूटी और मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर, उसके गुर्गे समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में गोली लगने से हिस्ट्रीशीटर और उसके गुर्गे तो घायल हो गए, लेकिन बाउंसरों को खरोंच तक नहीं आई।
फरह पुलिस और स्वाट टीम की शुक्रवार देर रात राजस्थान के आघई बाॅर्डर पर हिस्ट्रीशीटर और उसके साथियों के साथ मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में गोली लगने से ओल निवासी हिस्ट्रीशीटर महेंद्र सिंह व उसका गुर्गा ओमप्रकाश उर्फ ओपी घायल हो गए। जबकि उसका भौकाल जमाने के लिए साथ चलने वाले शिवचरण निवासी नगरिया थाना फतेहाबाद, मुन्नालाल निवासी करकौली थाना मठसेना फिरोजाबाद, रंजीत सिंह निवासी गुर्जानंदन थाना फतेहाबाद, देव सिंह निलासी गांव छैविसा थाना फतेहाबाद, अशोक कुमार निवासी शहीद नगर थाना फतेहाबाद, बृजेश गांव गंगीपुरा थाना बसई आगरा, सूरज निवासी ड्रीम सिटी कॉलोनी ब्रिजपुरी थाना जगदीशपुरा जिला आगरा को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर ने सरकारी पिस्टल, ओम प्रकाश से तमंचा तथा उसके बाउंसरों से तीन राइफल, दो गाड़ी तथा 69 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई है। एसएसपी ने बताया कि महेंद्र पर हत्या एवं रंगदारी सहित लगभग आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है।
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आर्मी के सेवानिवृत्त जवान भी गिरफ्तार
हिस्ट्रीशीटर के साथ पकड़े गए सात साथी निजी सुरक्षा गार्ड प्रतीत हो रहे हैं। पूछताछ में बताया कि कुछ लोग अभी उसके साथ जुड़े हैं, जबकि कुछ पुराने हैं। जिस तरह से एक कंपनी में सुरक्षा कंपनी गार्डों की ड्यूटी बदलती है, उसी तरह हिस्ट्रीशीटर के साथ रहने वाले सुरक्षा गार्डों की भी ड्यूटी बदलती थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पकड़ में आए कुछ बाउंसर तो आर्मी से सेवानिवृत्त बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में जांच की बात कहकर चुपी साधे है। सूत्रों का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर किराए पर गार्डों को अपना भौकाल जमाने के लिए दो गाड़ियों में साथ लेकर चलता था।