{"_id":"59b6b4ac4f1c1be67f8b5fe7","slug":"historians-daughter-said-hidden-room-are-secret-of-tajmahal","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ताजमहल विवाद में पीएन ओक की बेटी ने कहा, बंद कोठरियां खुलें तो सामने आए सच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताजमहल विवाद में पीएन ओक की बेटी ने कहा, बंद कोठरियां खुलें तो सामने आए सच
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 12 Sep 2017 09:24 AM IST
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पीसी
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल मकबरा है या शिव मंदिर, इस मामले में अब ताज की बंद कोठरियों को खुलवाने की मांग की जा रही है। ताकि, ताज का सच सामने आ सके। 1962 में ‘ताजमहल, एक शिव मंदिर’ पुस्तक लिखने वाले पीएन ओक की बेटी जयश्री वैद्य ने ये बात कही।
उनका कहना है कि उनके पिता ने ताजमहल के शिवमंदिर होने के समर्थन में जो तर्क दिए हैं, एएसआई या केंद्र सरकार हर बिंदु पर जवाब दे कि वह सच है या झूठ। ताजमहल दुनिया की धरोहर है, लेकिन यह शिवमंदिर है या मकबरा, इसका सैकड़ों सालों से दबा हुआ है।
पुणे से आई जयश्री वैद्य के साथ सिंगापुर से अशोक अठावले भी आगरा आए। उन्होंने आईआईटी कानपुर में रहते हुए पीएन ओक और इतिहासविद् केके पांडे का अध्ययन में सहयोग किया था। अठावले के मुताबिक निचले तल में जो कब्र बनी है, वह गलत है। वह जमीन में दबी नहीं है, बल्कि यमुना नदी की ओर से देखें तो यह ऊपर है।
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जयश्री वैद्य ने कहा कि ताजमहल के निचले हिस्सों में बनी कोठरियां खुल जाएं तो पूरा रहस्य सामने आ जाएगा। उनके पिता ने ताज को शिव मंदिर बताया था, लेकिन लोग हंसते थे। सच्चाई सामने आएगी तो वही मेरे पिता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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उनका कहना है कि उनके पिता ने ताजमहल के शिवमंदिर होने के समर्थन में जो तर्क दिए हैं, एएसआई या केंद्र सरकार हर बिंदु पर जवाब दे कि वह सच है या झूठ। ताजमहल दुनिया की धरोहर है, लेकिन यह शिवमंदिर है या मकबरा, इसका सैकड़ों सालों से दबा हुआ है।
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पुणे से आई जयश्री वैद्य के साथ सिंगापुर से अशोक अठावले भी आगरा आए। उन्होंने आईआईटी कानपुर में रहते हुए पीएन ओक और इतिहासविद् केके पांडे का अध्ययन में सहयोग किया था। अठावले के मुताबिक निचले तल में जो कब्र बनी है, वह गलत है। वह जमीन में दबी नहीं है, बल्कि यमुना नदी की ओर से देखें तो यह ऊपर है।
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जयश्री वैद्य ने कहा कि ताजमहल के निचले हिस्सों में बनी कोठरियां खुल जाएं तो पूरा रहस्य सामने आ जाएगा। उनके पिता ने ताज को शिव मंदिर बताया था, लेकिन लोग हंसते थे। सच्चाई सामने आएगी तो वही मेरे पिता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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ये भी रखे गए तथ्य
सोमवार को इनके साथ वार्ता में अदालत में केस दायर करने वाले हरीशंकर जैन और राजेश कुलश्रेष्ठ ने कहा कि ताजमहल को राजा जयसिंह से लिया गया था। बटेश्वर शिलालेख के साथ भरतपुर, जयपुर के म्यूजियम और पादशाहनामा को सबूत के तौर पर अदालत में पेश करेंगे।
ताज की सच्चाई सामने आने से इसके धरोहर होने पर कोई फर्क नहीं पड़ता। सैकड़ों साल से जो झूठ फैलाया गया, उसका पर्दाफाश होना जरूरी है। तेजोमहालय स्वाध्याय मंडल में तीन प्रोफसरों की टीम इस मामले में शोध भी करने जा रही है। वार्ता के दौरान प्रियंका दास, हेमेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
ताज की सच्चाई सामने आने से इसके धरोहर होने पर कोई फर्क नहीं पड़ता। सैकड़ों साल से जो झूठ फैलाया गया, उसका पर्दाफाश होना जरूरी है। तेजोमहालय स्वाध्याय मंडल में तीन प्रोफसरों की टीम इस मामले में शोध भी करने जा रही है। वार्ता के दौरान प्रियंका दास, हेमेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।