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हिंदी हो शिक्षण का माध्यम, अंग्रेजी केवल एक वैकल्पिक भाषा
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राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। सांसद हरनाथ सिंह यादव ने शिक्षण कार्य हिंदी में ही कराने का मुद्दा राज्यसभा में उठाया है। उन्होंने सरकार को इस दिशा में कड़े कदम उठाने के लिए कहा है।
राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने कहा कि हमारी मातृभाषा हिंदी है। लेकिन देश के विद्यालयों के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों में भी अंग्रेजी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में हिंदी को केवल एक वैकल्पिक भाषा के रूप में पढ़ाया जा रहा है, जबकि शिक्षण का माध्यम अंग्रेजी है। उन्होंने कहा कि ये स्थिति हिंदी के अलावा देश के अन्य क्षेत्रों में बोली जाने वाली मातृभाषाओं को खत्म कर रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि शिक्षण में हिंदी माध्यम या अन्य मातृभाषाओं को अनिवार्य करते हुए अंग्रेजी को केवल एक वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जाए। उन्होंने सांसदों को भेजी जानी वाली पत्रिकाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सांसदों को अधिकांश पत्रिकाएं अंग्रेजी की ही भेजी जाती हैं। इसमें सुधार होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति की सराहना की।
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राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने कहा कि हमारी मातृभाषा हिंदी है। लेकिन देश के विद्यालयों के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों में भी अंग्रेजी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में हिंदी को केवल एक वैकल्पिक भाषा के रूप में पढ़ाया जा रहा है, जबकि शिक्षण का माध्यम अंग्रेजी है। उन्होंने कहा कि ये स्थिति हिंदी के अलावा देश के अन्य क्षेत्रों में बोली जाने वाली मातृभाषाओं को खत्म कर रही है।
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उन्होंने सरकार से मांग की कि शिक्षण में हिंदी माध्यम या अन्य मातृभाषाओं को अनिवार्य करते हुए अंग्रेजी को केवल एक वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जाए। उन्होंने सांसदों को भेजी जानी वाली पत्रिकाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सांसदों को अधिकांश पत्रिकाएं अंग्रेजी की ही भेजी जाती हैं। इसमें सुधार होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति की सराहना की।
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