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हिंदी हैं हम: विदेश में ब्रजवासी फहरा रहे हिंदी की पताका, सोशल मीडिया से कर रहे प्रचार-प्रसार

Thu, 02 Sep 2021 02:42 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा / मथुरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा / मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 02 Sep 2021 02:42 PM IST
सार

विदेश में ब्रजवासी हिंदी की पताका फहरा रहे हैं। दुनिया के तमाम हिस्सों में रह रहे यहां के लोग अपनी मातृभाषा के प्रचार-प्रसार में लगे हैं। अखबार, पत्रिका, यू-ट्यूब चैनल और सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों से शोहरत और रोजगार दोनों पा रहे हैं। 

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hindi hain hum People of Braj are promoting Hindi language abroad
अमृता सिंह, अनुज कुलश्रेष्ठ और निहारिका - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ब्रज के लोग विदेशों में हिंदी की अलख जलाए रखने के लिए तमाम जतन कर रहे हैं। वर्षों से उनका यह सिलसिला जारी है। हिंदी सोसायटी का भी गठन कर लिया है। महीने में एक बार साहित्य-सांस्कृति पर चर्चा करते हैं। हिंदी भाषी लोगों की तलाश करते हैं और उन्हें अपने कारवां का हिस्सा बनाते हैं। व्हॉट्सएप ग्रुप से भी हिंदी भाषा को बढ़ाने में लगातार मेहनत कर रहे हैं। 
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यू-ट्यूब चैनल से बनाई पहचान
मथुरा की मूल निवासी निहारिका को पत्रकारिता विरासत में मिली है। फ्रांस के नॉन्सी में रहती हैं और वहां प्रशासनिक गतिविधियों में भी शिरकत करती हैं। उन्होंने हिंदी में एक यू ट्यूब चैनल की शुरुआत की है। जो ब्रज संस्कृति को फ्रांसीसी भारतीय से रूबरू करता था। इस चैनल के यूजर्स लगातार बढ़ रहे हैं। हाल में वे ताजमहल पर डॉक्यूमेंट्री बनाने ब्रज में आई थीं। 
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चलाते हैं हिंदी गौरव अखबार 
मूल रूप से आगरा के रहने वाले अनुज कुलश्रेष्ठ ऑस्ट्रेलिया में हिंदी गौरव अखबार चलाते हैं। मेलबॉर्न ने हर माह हिंदी गोष्ठी आयोजित करते हैं। समाचार पत्र वहां के हिंदी भाषियों के बीच काफी लोकप्रिय है। शुरुआत पांच पाठकों के साथ की थी लेकिन अब कारवां सैकड़ों तक पहुंच गया है और लगातार बढ़ रहा है।
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हिंदी भाषियों का ग्रुप बनाया
आगरा के दयालबाग के रहने वाले प्रतीक राणा लंबे समय से विदेश में रह रहे हैं। पहले रूस फिर अमेरिका और अब कुवैत में हैं। पेट्रोलियम इंडस्ट्री से जुडे़ प्रतीक ने किसी भी देश में हिंदी का साथ नहीं छोड़ा। जिस देश में रहे हिंदी भाषियों का ग्रुप बनाया और हर महीने चाय पर चर्चा हुई। बताते हैं कि एक व्हॉट्सएप ग्रुप है, जिस पर कई देशों के हिंदी प्रेमी जुड़े हुए हैं। 

बच्चों को भी सिखाती हैं हिंदी
साहित्यकार राजा लक्ष्मण सिंह परिवार से ताल्लुक रखने वालीं अमृता सिंह आगरा में पली-बढ़ीं और अब अपने परिवार के साथ कैलिफोर्निया के सेन जोंस इलाके में रहती हैं। अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई के बावजूद उनका हिंदी प्रेम जारी है। भारतीय मूल के बच्चों को भी हिंदी के रोजमर्रा के शब्दों का इस्तेमाल कराती हैं। सोशल मीडिया के जरिए हिंदी के प्रचार-प्रसार का दायित्व निभा रही हैं।

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