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#हिंदीहैंहमः युवाओं को भा रही हिंदी, कहा-अंग्रेजी को अधिक महत्व देने से उपक्षेति हुई भाषा, अब सुधार की जरूरत
Tue, 01 Sep 2020 12:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 01 Sep 2020 12:10 AM IST
सार
विदेशों से भी युवा हमारे देश में आकर हिंदी सीख रहे हैं। क्योंकि उन्हें हिंदी के लिए यहां एक बेहतर परिवेश मिलता है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
युवाओं का हिंदी के प्रति रुझान बढ़ा है। शिक्षा में वह हिंदी को महत्व दे रहे हैं। हर दिन के साथ युवाओं पर इसकी पकड़ मजबूत होती जा रही है। न केवल दैनिक उपयोग में बल्कि शिक्षा और शिक्षण दोनों में ही युवा हिंदी भाषा को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हिंदी संस्थानों के अलावा अन्य संस्थानों में भी युवा विभिन्न डिग्रियां हिंदी में ही ले रहे हैं। विदेशों से भी युवा हमारे देश में आकर हिंदी सीख रहे हैं। क्योंकि उन्हें हिंदी के लिए यहां एक बेहतर परिवेश मिलता है। अमर उजाला के साथ व्हाट्सएप संवाद में हिंदी प्रेमियाें ने कहा कि तकनीकी युग ने भी युवाओं को हिंदी के प्रति आकर्षित किया है। आज सभी गैजेट में हिंदी भाषा का विकल्प इसका प्रमाण है।
हिंदी का अपना विशेष महत्व है। घर में युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक सभी हिंदी को पसंद कर रहे हैं। युवा भी हिंदी में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। आने वाले समय में हिंदी को विश्व पटल पर अलग ही सम्मान मिलेगा। -अरुण कुमार
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अंग्रेजी को अधिक महत्व देने के चलते हमारे देश में हिंदी उपेक्षित होती चली गई। इस उपेक्षा को अब हमें खत्म करना होगा। हिंदी में बोलने के साथ ही हिंदी के प्रति युवा पीढ़ी को भी प्रेरित करना होगा। -विमलेश कुमार
युवाओं को पहले विदेशों में अंग्रेजी में कम जानकारी होने के चलते मौके नहीं मिलते हैं। आज हिंदी में निपुण लोगों को ही कई विदेशी कंपनियां मौका दे रही हैं। ऐसे में रोजगार भी कहीं न कहीं हिंदी को आगे बढ़ा रहा है। -धर्मेंद्र कुमार
जब तकनीकी युग की शुरुआत हुई तो हिंदी को जैसे लोग भूल ही गए थे, लेकिन आज कोई भी ऐसा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट नहीं है, जिसमें हिंदी भाषा का विकल्प न हो। इससे भी हिंदी को पहचान मिली और लोकप्रियता भी हासिल हुई। -अनिरुद्र कुमार
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हिंदी संस्थानों के अलावा अन्य संस्थानों में भी युवा विभिन्न डिग्रियां हिंदी में ही ले रहे हैं। विदेशों से भी युवा हमारे देश में आकर हिंदी सीख रहे हैं। क्योंकि उन्हें हिंदी के लिए यहां एक बेहतर परिवेश मिलता है। अमर उजाला के साथ व्हाट्सएप संवाद में हिंदी प्रेमियाें ने कहा कि तकनीकी युग ने भी युवाओं को हिंदी के प्रति आकर्षित किया है। आज सभी गैजेट में हिंदी भाषा का विकल्प इसका प्रमाण है।
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हिंदी का अपना विशेष महत्व है। घर में युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक सभी हिंदी को पसंद कर रहे हैं। युवा भी हिंदी में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। आने वाले समय में हिंदी को विश्व पटल पर अलग ही सम्मान मिलेगा। -अरुण कुमार
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अंग्रेजी को अधिक महत्व देने के चलते हमारे देश में हिंदी उपेक्षित होती चली गई। इस उपेक्षा को अब हमें खत्म करना होगा। हिंदी में बोलने के साथ ही हिंदी के प्रति युवा पीढ़ी को भी प्रेरित करना होगा। -विमलेश कुमार
युवाओं को पहले विदेशों में अंग्रेजी में कम जानकारी होने के चलते मौके नहीं मिलते हैं। आज हिंदी में निपुण लोगों को ही कई विदेशी कंपनियां मौका दे रही हैं। ऐसे में रोजगार भी कहीं न कहीं हिंदी को आगे बढ़ा रहा है। -धर्मेंद्र कुमार
जब तकनीकी युग की शुरुआत हुई तो हिंदी को जैसे लोग भूल ही गए थे, लेकिन आज कोई भी ऐसा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट नहीं है, जिसमें हिंदी भाषा का विकल्प न हो। इससे भी हिंदी को पहचान मिली और लोकप्रियता भी हासिल हुई। -अनिरुद्र कुमार