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UP: दो साल तक नहीं मिली हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, अब कंपनी को देना होगा  25 हजार रुपये का जुर्माना

Fri, 02 Jun 2023 10:12 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 02 Jun 2023 10:12 AM IST
सार

वाहन खरीदने के बाद दो साल तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न देने पर कंपनी को  25 हजार रुपये का जुर्माना देने के आदेश दिए गए हैं। 
 

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High security number plate not received for two years now company will have to pay a fine of 25 Thousand
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आगरा के एत्माद्दौला स्थित अशोका ऑटो सेल्स से वादी ने टाटा मोटर्स फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस कराकर गाड़ी खरीदी। कंपनी ने दो साल तक वाहन की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) नहीं दी। इससे वादी को लाखों का नुकसान हुआ। इस पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार व सदस्य अरुण कुमार ने 45 दिन के अंदर नंबर प्लेट देने, मानसिक उत्पीड़न व क्षतिपूर्ति के 20 हजार और वाद व्यय के 5 हजार रुपये पीड़ित को अदा करने के आदेश किए। यह भी कहा कि आदेश का पालन ना करने पर अशोक ऑटो सेल्स को 5 लाख रुपये 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करने होंगे।
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बाह के गांव गुरजाघाट रजौरा होलीपुरा निवासी बीरेंद्र सिंह ने फोरम में वाद प्रस्तुत किया। बताया कि उन्होंने अशोक ऑटो सेल्स एत्माद्दौला नुनिहाई से 2 जनवरी 2020 को कंपनी से फाइनेंस कराकर एक टाटा सीएनजी गाड़ी खरीदी। अशोक ऑटो सेल्स के मैनेजर ने एक महीने के बाद गाड़ी की अति सुरक्षा (एचएसआरपी) नंबर प्लेट देने का वायदा किया। समय पूरा होने के बाद नंबर प्लेट मांगा लेकिन टाल मटोल करते रहे।
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बिना डिजिटल नंबर प्लेट के वाहन अवैध माना जाता है। इस वजह से गाड़ी का आरटीओ से फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं बन पाया। गाड़ी नहीं चल पाने की वजह से उन्हें करीब 5 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। दो साल बाद भी अशोक ऑटो सेल्स कंपनी वालों ने डिजिटल नंबर प्लेट नहीं दी। इस पर वादी ने अधिवक्ता के माध्यम से 11 जनवरी 2022 को विपक्षी को एक विधिक नोटिस भेजा। इसके बावजूद ना तो नोटिस का जवाब दिया और ना ही क्षतिपूर्ति अदा की। इसके बाद फोरम ने वादी के पक्ष में फैसला सुनाया।
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