छह महीने में देना होगा शोध छात्रा हत्याकांड में फैसला, हाईकोर्ट ने दिया आदेश
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आगरा के चर्चित शोध छात्रा हत्याकांड के मुकदमे का निस्तारण छह माह में किए जाने के निर्देश उच्च न्यायालय ने स्थानीय कोर्ट को दिए हैं। इसके बाद माना जा रहा है कि अब सुनवाई तेजी से की जाएगी। वहीं स्थानीय कोर्ट में अपर जिला जज बीके जायसवाल ने एक और आदेश दिया है।
आदेश में कहा गया है कि स्वतंत्र अभियोजक तो पैरवी करेंगे ही। एसएस चौहान उनका सहयोग करते रहेंगे। अभियुक्त पक्ष ने एसएस चौहान के सहयोग करने पर आपत्ति जाहिर की थी। शुक्रवार को इस मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियुक्त उदय स्वरूप, सह अभियुक्त यशवीर सिंह संधू, शोध छात्रा के पिता कोर्ट में मौजूद रहे।
दिल्ली निवासी शोध छात्रा की हत्या 15 मार्च 2013 को की गई थी। पहले पुलिस ने जांच की। इसमें उदय स्वरूप और यशवीर सिंह संधू दोनों को आरोपी बनाया गया। बाद में केस सीबीआई को सौंपा गया।
यशवीर सिंह संधू पर भी चलेगा केस
सीबीआई ने उदय स्वरूप को आरोपी बनाया, लेकिन संधू को क्लीन चिट दे दी। पुलिस ने कहा था कि यह मामला रेप का विरोध किए जाने पर हत्या का है। सीबीआई ने कहा कि रेप के बाद छात्रा की हत्या की गई।
हाईकोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण आदेश यह दिया है कि यशवीर सिंह संधू पर भी केस चलेगा। संधू को सीबीआई ने क्लीन चिट दी थी, लेकिन पुलिस ने उसे आरोपी माना था। इस कारण से स्थानीय कोर्ट ने उस पर केस चलाने के लिए कहा था। कोर्ट ने इसे सही माना।
गैंगरेप पर 14 सितंबर को होगी बहस
इस मामले में एक और मोड़ यह आया है कि पीड़ित पक्ष ने केस गैंगरेप का बताया है। सीबीआई ने रेप और हत्या का मामला बताया था। अब गैंगरेप पर बहस के लिए कोर्ट ने 14 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है।