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जम्मू में दबोचा खूंखार आतंकी अटैकर बाबा: आगरा नंबर की कार पर था सवार, खुफिया एजेंसियों ने की तहकीकात
Sun, 07 Feb 2021 08:02 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 07 Feb 2021 08:02 AM IST
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Hidayatullah Malik Chief of Lashkar e Mustafa front organisation of Jaish e Mohammad arrested
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू में दबोचे खूंखार आतंकी हिदायतुल्ला मलिक के पास से बरामद सेंट्रो कार के प्रथम मालिक आगरा के गैलाना रोड स्थित सिंडीकेट बैंक कॉलोनी में रहने वाले अतीत कुमार अंबेश थे। उन्होंने 11 महीने पहले मोहाली की एजेंसी में कार को एक्सचेंज ऑफर में बदलकर नई कार खरीद ली थी। खुफिया एजेंसियों ने अतीत से पूछताछ की है।
सिंडीकेट बैंक कॉलोनी निवासी अतीत कुमार अंबेश ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में कार्य करते हैं। वह एक साल पहले मोहाली में कार्यरत थे। उनके पास दस साल पुरानी सेंट्रो कार थी। उसका नंबर यूपी 80 बीएन 2708 था। इस कार को बदलकर नई कार लेने के लिए मोहाली की एजेंसी के कर्मचारियों से बात की थी। वह सेंट्रो कार को एक्सचेंज में लेने के लिए तैयार हो गए थे। इस पर मार्च की शुरूआत में नई एक्सयूवी कार खरीद ली। मगर, तभी कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉकडाउन लग गया। इस पर वह अपनी पुरानी कार को नहीं दे पाए थे। जून 2020 में कार एजेंसी में पहुंचाई थी। 10 जुलाई में यह कार की एनओसी जारी हो गई थी।
ये भी पढ़ें- जम्मू में दबोचा गया खूंखार आतंकी अटैकर बाबा, इस वजह से जैश-ए-मोहम्मद ने बनाया लश्कर-ए-मुस्तफा
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पुलिस की पूछताछ में पता चला कि पंजाब के पटियाला स्थित गांव गुनी मजरा के कंवलजीत सिंह पुत्र गुरदीप सिंह के नाम पर पंजीकृत हुई। इस पर पंजाब में नंबर पीबी 11 सी डब्ल्यू 9024 मिला था। इसके बावजूद जम्मू में पकड़ी कार पर आगरा नंबर की प्लेट लगी थी। इस पर पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि कार के नंबर का इस्तेमाल किया गया है। आरटीओ से पता चला है कि इसे अतीत कुमार अंबेश ने बेच दिया था। यह पटियाला के व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर की गई है।
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सिंडीकेट बैंक कॉलोनी निवासी अतीत कुमार अंबेश ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में कार्य करते हैं। वह एक साल पहले मोहाली में कार्यरत थे। उनके पास दस साल पुरानी सेंट्रो कार थी। उसका नंबर यूपी 80 बीएन 2708 था। इस कार को बदलकर नई कार लेने के लिए मोहाली की एजेंसी के कर्मचारियों से बात की थी। वह सेंट्रो कार को एक्सचेंज में लेने के लिए तैयार हो गए थे। इस पर मार्च की शुरूआत में नई एक्सयूवी कार खरीद ली। मगर, तभी कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉकडाउन लग गया। इस पर वह अपनी पुरानी कार को नहीं दे पाए थे। जून 2020 में कार एजेंसी में पहुंचाई थी। 10 जुलाई में यह कार की एनओसी जारी हो गई थी।
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पुलिस की पूछताछ में पता चला कि पंजाब के पटियाला स्थित गांव गुनी मजरा के कंवलजीत सिंह पुत्र गुरदीप सिंह के नाम पर पंजीकृत हुई। इस पर पंजाब में नंबर पीबी 11 सी डब्ल्यू 9024 मिला था। इसके बावजूद जम्मू में पकड़ी कार पर आगरा नंबर की प्लेट लगी थी। इस पर पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि कार के नंबर का इस्तेमाल किया गया है। आरटीओ से पता चला है कि इसे अतीत कुमार अंबेश ने बेच दिया था। यह पटियाला के व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर की गई है।