आगरा: होली पर ताजनगरी में बिखरेंगे हर्बल रंग, बाजार में बढ़ी मांग
- हर्बल रंगों से सराबोर होगी ताजनगरी की होली
- अबीर-गुलाल के साथ पैराशूट पिचकारी काफी पसंद की जा रही
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रंग और उमंग के पर्व होली में कुछ दिन ही बाकी हैं। ताजनगरी में इस बार हर्बल रंग की काफी मांग है। किनारी बाजार, लुहार गली आदि बाजारों में थोक व्यापारियों के यहां हर्बल रंग और पिचकारियों के ऑर्डर बुक होने शुरू हो गए है। अबीर-गुलाल के साथ इस बार पैराशूट पिचकारी काफी पसंद की जा रही है। कोरोना के कारण थोक व्यापार में 25 फीसदी की कमी आई है।
पिचकारियों और रंगों के थोक व्यापारी मोहन दास अग्रवाल का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार हर्बल और पिचकारियों के ऑर्डर ज्यादा मिले हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि होली खेलते समय पिचकारी से सामाजिक दूरी का भी पालन होगा।
गुलाल गन की अधिक मांग
इस बार गुलाल गन के साथ ही इंग्लिश और कूल रंग की सबसे ज्यादा मांग है। होली पर रंगों की दुकान लगाने वाले खंदारी के लोकेश पचौरी का कहना है कि हर्बल रंग लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। गुलाल कोक, रंगों वाली लड़ी लोगों को काफी पसंद आ रही है।
स्वदेशी पिचकारियों के ऑर्डर ज्यादा
पिचकारी के थोक व्यापारी कन्हैयालाल टॉयज मर्चेंट के संचालक वरुण अग्रवाल का कहना है कि बाजार में पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत तक की गिरावट है। इस बार स्वदेशी पिचकारियों के ऑर्डर ही ज्यादा मिले हैं। पुराने स्टॉक में रखी चाइनीज पिचकारियों के अलावा चाइनीज पिचकारियों का कोई नया ऑर्डर नहीं दिया गया है।
खंदारी निवासी कोमल सोनी ने कहा कि इस बार मैं और मेरा पूरा परिवार हर्बल रंगों के साथ होली खेलेंगे। हमारी कोशिश रहेगी कि होली पर दूर से ही बधाई दें। पथौली की रूचि यादव ने कहा कि मेरा मानना है कि होली पर पूरी ईमानदारी से कोरोना के नियमों का पालन हमें करना होगा। इसलिए दूर से ही होली खेलेंगे।