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UP: फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत केस में हुई बहस, अब छह मार्च को होगी कोर्ट में सुनवाई
Fri, 13 Feb 2026 10:18 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Fri, 13 Feb 2026 10:18 PM IST
सार
फिल्म अभिनेत्री और सांसद कंगना रणौत केस में शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। सांसद पर आरोप है कि उन्होंने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की थी।
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कंगना रणाैत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ दायर वाद में शुक्रवार को एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह की अदालत में पुलिस की आख्या पर बहस हुई। अगली सुनवाई 6 मार्च को होगी।
राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि सांसद ने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की। जिससे उनकी और लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं। महात्मा गांधी पर भी अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। अधीनस्थ न्यायालय ने परिवाद खारिज कर दिया था। अब सत्र न्यायालय में रिवीजन पर सुनवाई की जा रही है।
शुक्रवार को वादी के अधिवक्ताओं ने अदालत में कहा कि पुलिस ने फिर से आख्या प्रस्तुत कर दी है। जिसमें सांसद कंगना रणौत का कोई बयान नहीं लिया गया है। उनकी तरफ से उनकी अधिवक्ता ने बयान दिया है जो कानूनी तौर पर सही नहीं है। अधिवक्ताओं ने बहस में पूछा कि क्या कोर्ट इस बात की इजाजत देता है कि वादी या विपक्षी की पैरवी करने वाला अधिवक्ता किसी के बयान दे सकता है। कोर्ट ने इस पर वादी पक्ष के अधिवक्ताओं से रूलिंग प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
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राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि सांसद ने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की। जिससे उनकी और लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं। महात्मा गांधी पर भी अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। अधीनस्थ न्यायालय ने परिवाद खारिज कर दिया था। अब सत्र न्यायालय में रिवीजन पर सुनवाई की जा रही है।
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शुक्रवार को वादी के अधिवक्ताओं ने अदालत में कहा कि पुलिस ने फिर से आख्या प्रस्तुत कर दी है। जिसमें सांसद कंगना रणौत का कोई बयान नहीं लिया गया है। उनकी तरफ से उनकी अधिवक्ता ने बयान दिया है जो कानूनी तौर पर सही नहीं है। अधिवक्ताओं ने बहस में पूछा कि क्या कोर्ट इस बात की इजाजत देता है कि वादी या विपक्षी की पैरवी करने वाला अधिवक्ता किसी के बयान दे सकता है। कोर्ट ने इस पर वादी पक्ष के अधिवक्ताओं से रूलिंग प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
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