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Diwali 2019: दीपोत्सव के उल्लास में स्वास्थ्य का रखें विशेष ख्याल, ऐसे मनाएं 'सेहतमंद' उत्सव
Sun, 27 Oct 2019 12:07 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 27 Oct 2019 12:07 AM IST
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Diwali 2019
- फोटो : अमर उजाला
दिवाली पर मिठाई और तला-भुना खाना खूब खाया जाता है। त्योहार पर पकवान जो बनते हैं। लेकिन सेहत के लिए कुछ सावधानी जरूरी है। आप मिठाई और तला-भुना खाएं लेकिन अति न करें। फल ज्यादा खाएं, भोजन में सलाद बढ़ा दें। पानी भी खूब पीएं। मौसम बदल रहा है, ऐसे में सेहत पर ध्यान देना और भी जरूरी है।
एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटीशियन मिनी शर्मा का कहना है कि हृदय, मधुमेह, ब्लडप्रेशर के मरीज संतुलित खुराक में बदलाव कतई न करें। स्वाद के लिए मिठाई खाएं भी तो चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें। खाने में सलाद, हरी सब्जी और फल भरपूर लें। गृहणियां घर पर बनी खाद्य सामग्री ही बच्चों को खिलाएं, इससे फूड प्वाइजनिंग का खतरा कम रहेगा।
ध्यान रखें
- मिठाइयां, रिफाइंड और घी में तला भोजन बहुत कम लें। मधुमेह, कॉलस्ट्रॉल है तो बिल्कुल न लें।
- रेफ्रिजरेटर में काफी समय से रखे हुए बासी भोजन से फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है। इसे न लें।
- सलाद, फल और हरी सब्जी ज्यादा लें, दाल भी ले सकते हैं।
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एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटीशियन मिनी शर्मा का कहना है कि हृदय, मधुमेह, ब्लडप्रेशर के मरीज संतुलित खुराक में बदलाव कतई न करें। स्वाद के लिए मिठाई खाएं भी तो चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें। खाने में सलाद, हरी सब्जी और फल भरपूर लें। गृहणियां घर पर बनी खाद्य सामग्री ही बच्चों को खिलाएं, इससे फूड प्वाइजनिंग का खतरा कम रहेगा।
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ध्यान रखें
- मिठाइयां, रिफाइंड और घी में तला भोजन बहुत कम लें। मधुमेह, कॉलस्ट्रॉल है तो बिल्कुल न लें।
- रेफ्रिजरेटर में काफी समय से रखे हुए बासी भोजन से फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है। इसे न लें।
- सलाद, फल और हरी सब्जी ज्यादा लें, दाल भी ले सकते हैं।
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सांस की तकलीफ है तो पटाखों से दूर ही रहें
अस्थमा के मरीजों के लिए अगले सात दिन परेशानी भरे होंगे। पटाखों का धुआं उनका मर्ज बढ़ा सकता है। खासतौर से अस्थमा से पीड़ित बच्चों पर खास नजर रखें। अस्थमा के मरीज पटाखे या आतिशबाजी से दूर रहें।
एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह का कहना है कि दिवाली पर पटाखों से धुआं कई गुना बढ़ेगा। यह धुआं सांस नलिकाओं को संक्रमित करेगा, जिससे सांस लेने में परेशानी बढ़ेगी। ऐसे में पटाखों से बचें।
यह ध्यान रखें
- अगर आसपास आतिशबाजी हो रही है, तो मुंह पर रुमाल रखें।
- जिन्हें सांस की बीमारी नहीं है, वे भी ऐसे पटाखों को चलाने से बचें, जिनसे ज्यादा धुआं निकलता हो।
- सांस के रोगी इन दिनों दवाइयां बंद न करें, यह न समझें कि अब थोड़ा आराम है, खासकर इन्हेलर जरूर लें।
एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह का कहना है कि दिवाली पर पटाखों से धुआं कई गुना बढ़ेगा। यह धुआं सांस नलिकाओं को संक्रमित करेगा, जिससे सांस लेने में परेशानी बढ़ेगी। ऐसे में पटाखों से बचें।
यह ध्यान रखें
- अगर आसपास आतिशबाजी हो रही है, तो मुंह पर रुमाल रखें।
- जिन्हें सांस की बीमारी नहीं है, वे भी ऐसे पटाखों को चलाने से बचें, जिनसे ज्यादा धुआं निकलता हो।
- सांस के रोगी इन दिनों दवाइयां बंद न करें, यह न समझें कि अब थोड़ा आराम है, खासकर इन्हेलर जरूर लें।