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नहीं थम रहीं संक्रामक बीमारियां, बुखार से बालिका की मौत
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मैनपुरी। जिले में संक्रामक बीमारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुखार से पीड़ित एक और बालिका की मौत हो गई। वहीं 14 अन्य मरीजों को बुखार और डायरिया से पीड़ित होने पर गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पिछले चार दिन में जिला अस्पताल में छह मरीजों की मौत हो चुकी है।
जिले में संक्रामक रोग पूरी तरह से हावी हैं। बुखार और डायरिया के साथ ही अब खसरा के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। गुरुवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल में 900 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इनमें 200 से अधिक मरीज बुखार, डायरिया और पेटदर्द से पीड़ित होने पर भर्ती कराए गए। नगर के भीमसेन मंदिर के निकट निवासी सुविन दीक्षित की डेढ़ वर्षीय पुत्री दिव्या दीक्षित को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों के अनुसार उसे खसरा की दिक्कत भी थी। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। गुरुवार को हालत बिगड़ने पर उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में लाया गया। यहां इमरजेंसी में तैनात ईएमओ ने उसे मृत घोषित कर दिया। ईएमओ ने बताया कि बालिका को बुखार आ रहा था। समय से उपचार न कराने के कारण बालिका की मौत हुई है।
चार दिन में छह मौतें विभाग के लिए चुनौती
मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग के लिए संक्रामक रोग चुनौती बनते जा रहे हैं। जिले में जहां सोमवार को बुखार और डायरिया से दो मरीजों की मौत हुई थी। वहीं मंगलवार को बुखार की चपेट में आने से तीन मरीजों की मौत हुई। वहीं गुरुवार को खसरा से पीड़ित एक और बालिका की मौत ने विभाग की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
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जिले में संक्रामक रोग पूरी तरह से हावी हैं। बुखार और डायरिया के साथ ही अब खसरा के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। गुरुवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल में 900 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इनमें 200 से अधिक मरीज बुखार, डायरिया और पेटदर्द से पीड़ित होने पर भर्ती कराए गए। नगर के भीमसेन मंदिर के निकट निवासी सुविन दीक्षित की डेढ़ वर्षीय पुत्री दिव्या दीक्षित को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों के अनुसार उसे खसरा की दिक्कत भी थी। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। गुरुवार को हालत बिगड़ने पर उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में लाया गया। यहां इमरजेंसी में तैनात ईएमओ ने उसे मृत घोषित कर दिया। ईएमओ ने बताया कि बालिका को बुखार आ रहा था। समय से उपचार न कराने के कारण बालिका की मौत हुई है।
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चार दिन में छह मौतें विभाग के लिए चुनौती
मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग के लिए संक्रामक रोग चुनौती बनते जा रहे हैं। जिले में जहां सोमवार को बुखार और डायरिया से दो मरीजों की मौत हुई थी। वहीं मंगलवार को बुखार की चपेट में आने से तीन मरीजों की मौत हुई। वहीं गुरुवार को खसरा से पीड़ित एक और बालिका की मौत ने विभाग की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
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