{"_id":"62a718e5e22a01202c179188","slug":"health-department-team-who-came-to-investigate-gender-test-case-found-only-five-patients-neither-any-doctor-and-staff-in-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra: बिना लाइसेंस के चल रहा था रॉयल हॉस्पिटल, स्टाफ भागा, लिंग परीक्षण मामले में जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra: बिना लाइसेंस के चल रहा था रॉयल हॉस्पिटल, स्टाफ भागा, लिंग परीक्षण मामले में जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
Mon, 13 Jun 2022 04:30 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 13 Jun 2022 04:30 PM IST
सार
यमुनापार के हॉस्पिटल में लिंग परीक्षण का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट हो गई। सोमवार को जब टीम हॉस्पीटल पहुंची तो वहां हॉस्पिटल संचालक, डॉक्टर के अलावा नर्सिंग स्टाफ भी नहीं मिला।
विज्ञापन
हॉस्पीटल में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ट्रांसयमुना कॉलोनी में रॉयल हॉस्पिटल को बिना लाइसेंस के चलते हुए पकड़ा। छापे से पहले ही यहां से स्टाफ भाग गया। यहां चार मरीज भर्ती मिले। मरीजों को शिफ्ट करने के लिए निर्देशित करते हुए चिकित्सकीय कार्य बंद करने का नोटिस चस्पा कर दिया है।
अस्पताल पंजीकरण सेल के नोडल प्रभारी डॉ. आरके अग्निहोत्री ने बताया कि भ्रूण का वीडियो वायरल होने पर छापा मारा था। यहां पर कोई स्टाफ नहीं मिला। कुछ देर बाद एक-दो कर्मचारी गेट पर मिले, पूछने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे थे। अस्पताल का निरीक्षण किया तो इसमें चार महिलाएं भर्ती थीं, सभी के ऑपरेशन हुए थे। 15 बेड पड़े हुए थे। मेडिकल वेस्ट बिखरा हुआ था। अस्पताल में मिले कागजातों का निरीक्षण करने पर इसका पंजीकरण नहीं मिला। विभागीय रिकॉर्ड खंगालने पर पता लगा कि राहुल शर्मा नामक व्यक्ति ने रॉयल हॉस्पिटल के लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी इसका लाइसेंस नहीं हुआ। यहां मरीजों के इलाज की फाइल समेत अन्य कागजात जब्त कर लिए हैं। कोई जिम्मेदार व्यक्ति न मिलने पर मरीजों को शिफ्ट करते हुए चिकित्सकीय कार्य बंद करने का निर्देश देते हुए नोटिस चस्पा किया है।
विज्ञापन
अवैध रूप से चल रहे रॉयल हॉस्पिटल का लाइसेंस नहीं था और न ही मौके पर चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ मिला। स्वास्थ्य विभाग ने न तो चारों मरीजों को यहां से शिफ्ट कराया और न ही इसको सील किया। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि बिना लाइसेंस के हॉस्पिटल था तो टीम को इसे सील करवाना चाहिए। टीम से जवाब मांगा जाएगा।
विज्ञापन
अस्पताल पंजीकरण सेल के नोडल प्रभारी डॉ. आरके अग्निहोत्री ने बताया कि भ्रूण का वीडियो वायरल होने पर छापा मारा था। यहां पर कोई स्टाफ नहीं मिला। कुछ देर बाद एक-दो कर्मचारी गेट पर मिले, पूछने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे थे। अस्पताल का निरीक्षण किया तो इसमें चार महिलाएं भर्ती थीं, सभी के ऑपरेशन हुए थे। 15 बेड पड़े हुए थे। मेडिकल वेस्ट बिखरा हुआ था। अस्पताल में मिले कागजातों का निरीक्षण करने पर इसका पंजीकरण नहीं मिला। विभागीय रिकॉर्ड खंगालने पर पता लगा कि राहुल शर्मा नामक व्यक्ति ने रॉयल हॉस्पिटल के लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी इसका लाइसेंस नहीं हुआ। यहां मरीजों के इलाज की फाइल समेत अन्य कागजात जब्त कर लिए हैं। कोई जिम्मेदार व्यक्ति न मिलने पर मरीजों को शिफ्ट करते हुए चिकित्सकीय कार्य बंद करने का निर्देश देते हुए नोटिस चस्पा किया है।
विज्ञापन
ऑपरेशन कक्ष में नहीं मिले उपकरण
पीसीपीएनडीटी सेल के नोडल प्रभारी डॉ. वीरेंद्र भारती ने बताया कि भ्रूण का वीडियो वायरल होने पर अस्पताल की जांच की तो यहां पर भ्रूण नहीं मिला। ऑपरेशन थिएटर में कोई उपकरण नहीं मिला। हो सकता है कि वीडियो वायरल की खबर प्रकाशित होने के बाद अस्पताल संचालक ने साक्ष्य मिटाए हों। नोटिस दिया गया है, जवाब और संचालक उपस्थित नहीं हुआ तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन