बड़ी कार्रवाई: लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी कर रहे थे अल्ट्रासाउंड-एमआरआई, सात मशीनें सील
आगरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को चेंकिंग अभियान चलाया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने तीन अस्पतालों की एमआरआई, सीटी स्कैन मशीन समेत सात अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दीं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को तीन अस्पतालों की एमआरआई, सीटी स्कैन मशीन समेत सात अल्ट्रासाउंड मशीन सील की हैं। इनका लाइसेंस एक्सपायर्ड होने पर भी मरीजों की जांच की जा रही थी। इसमें से तीन मशीन पशु अस्पताल की हैं।
एसीएम प्रथम रामप्रकाश ने बताया कि अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों के लाइसेंस जांच करने का विशेष अभियान चल रहा है। इसमें बुधवार को सिकंदरा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित नयति हॉस्पिटल में टीम पहुंची। यहां तीन अल्ट्रासाउंड मशीन, एक एमआरआई और एक सीटी स्कैन मशीन मिली। ये डॉ. राजमणि के नाम से पंजीकृत थी। इनके लाइसेंस की मियाद जनवरी में खत्म हो गई है। इस पर पांचों मशीनों को सील कर दिया है।
तीन और मशीनों को किया सील
यहां से बाईपास मथुरा रोड कीठम स्थित वाइल्ड लाइफ वेटनरी हॉस्पिटल गए। यहां बीमार जानवरों के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। यहां तीन मशीनें मिलीं, जो डॉ. इलैया राजा के नाम से पंजीकृत थी। इसकी अवधि 13 मार्च को खत्म हो गई थी। इन तीनों मशीनों को भी सील कर दिया है। मदिया कटरा स्थित नारायण अस्पताल का निरीक्षण किया तो यहां एक अल्ट्रासाउंड मशीन मिली, जो डॉ. संजीव अग्रवाल के नाम से पंजीकृत थी।
इसका लाइसेंस भी 13 अप्रैल को एक्सपायर हो चुका था। इस मशीन को भी सील कर दिया है। पीसीपीएनडीटी एक्ट सेल के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. एसके राहुल ने बताया कि तीनों अस्पतालों में मशीनों का लाइसेंस एक्सपायर्ड होने के बाद भी जांच की जा रही थी। अब नए सिरे से लाइसेंस के बाद ही मशीन की सील खुलेगी।
नए सिरे से करने होंगे आवेदन
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि पुरुषोत्तम सावित्री देवी कैंसर केयर एंड रिसर्च सेंटर की दो अल्ट्रासाउंड मशीन, डॉ. नीरजा अग्रवाल और डॉ. वरुण सरकार समेत छह अस्पतालों के 13 अल्ट्रासाउंड मशीन, एमआरआई और सीटी स्कैन के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इनके संचालकों को लाइसेंस के लिए नए सिरे से आवेदन करने होंगे।