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झोलाछाप के उपचार से बच्ची की मौत, हंगामा
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मैनपुरी। जिले में झोलाछापों के उपचार से मरीजों की लगातार मौत हो रही हैं, लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। झोलाछाप के इलाज के दौरान सोमवार की रात एक और बालिका की मौत हो गई। इससे क्षुब्ध परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने गलत ढंग से इलाज करने का आरोप लगाया। साथ ही कार्रवाई की मांग की।
थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला वंशीगोहरा निवासी अनुज कुमार की आठ वर्षीय पुत्री लक्ष्मी को सोमवार की रात पेट दर्द की शिकायत हुई। परिजन उसे मोहल्ले के ही झोलाछाप के पास ले गए। यहां उपचार के दौरान देर रात लक्ष्मी की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार गलत उपचार से लक्ष्मी की मौत हुई है। आक्रोशित परिजनों ने झोलाछाप के क्लीनिक पर हंगामा शुरू कर दिया, लेकिन बाद में उसने दबाव बनाकर समझौता करा लिया। मामले में कोई शिकायत पुलिस से नहीं की गई, लेकिन बालिका की मौत का आखिर जिम्मेदार कौन है यह बताने वाला कोई नहीं है।
हर बार मिला कार्रवाई का भरोसा
झोलाछाप के इलाज से जब किसी की मौत होती है तो स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई का भरोसा देता है। साथ ही टीम गठित करने और जांच की बात कहता है। आखिर झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। इसका जिले की जनता को इंतजार है।
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पूर्व में भी हो चुकी है मौत
कुछ दिन पूर्व में कुसमरा क्षेत्र के गांव बुडौली में एक झोलाछाप ने युवक के पेट का ऑपरेशन कर दिया। बाद में उसकी मौत हो गई। वहीं, दूसरी घटना भी कुसमरा क्षेत्र की है। यहां गांव विरतिया में 50 वर्षीय व्यक्ति की बुखार से पीड़ित होने पर झोलाछाप के गलत इंजेक्शन से मौत हो गई। इसके अतिरिक्त किशनी और भोगांव में भी झोलाछाप के उपचार से मौत हुई। हर बार हंगामा हुआ लेकिन समझौता के बाद कार्रवाई पर परदा डाल दिया गया।
32 अस्पताल हैं सिर्फ जिले में पंजीकृत
29 पैथॉलॉजी सेंटर हैं जिले में रजिस्टर्ड
16 अल्ट्रासाउंड केंद्रों ने कराया है जिले में पंजीकरण
05-एक्सरे सेंटर हैं जिले में पंजीकृत
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थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला वंशीगोहरा निवासी अनुज कुमार की आठ वर्षीय पुत्री लक्ष्मी को सोमवार की रात पेट दर्द की शिकायत हुई। परिजन उसे मोहल्ले के ही झोलाछाप के पास ले गए। यहां उपचार के दौरान देर रात लक्ष्मी की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार गलत उपचार से लक्ष्मी की मौत हुई है। आक्रोशित परिजनों ने झोलाछाप के क्लीनिक पर हंगामा शुरू कर दिया, लेकिन बाद में उसने दबाव बनाकर समझौता करा लिया। मामले में कोई शिकायत पुलिस से नहीं की गई, लेकिन बालिका की मौत का आखिर जिम्मेदार कौन है यह बताने वाला कोई नहीं है।
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हर बार मिला कार्रवाई का भरोसा
झोलाछाप के इलाज से जब किसी की मौत होती है तो स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई का भरोसा देता है। साथ ही टीम गठित करने और जांच की बात कहता है। आखिर झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। इसका जिले की जनता को इंतजार है।
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पूर्व में भी हो चुकी है मौत
कुछ दिन पूर्व में कुसमरा क्षेत्र के गांव बुडौली में एक झोलाछाप ने युवक के पेट का ऑपरेशन कर दिया। बाद में उसकी मौत हो गई। वहीं, दूसरी घटना भी कुसमरा क्षेत्र की है। यहां गांव विरतिया में 50 वर्षीय व्यक्ति की बुखार से पीड़ित होने पर झोलाछाप के गलत इंजेक्शन से मौत हो गई। इसके अतिरिक्त किशनी और भोगांव में भी झोलाछाप के उपचार से मौत हुई। हर बार हंगामा हुआ लेकिन समझौता के बाद कार्रवाई पर परदा डाल दिया गया।
32 अस्पताल हैं सिर्फ जिले में पंजीकृत
29 पैथॉलॉजी सेंटर हैं जिले में रजिस्टर्ड
16 अल्ट्रासाउंड केंद्रों ने कराया है जिले में पंजीकरण
05-एक्सरे सेंटर हैं जिले में पंजीकृत