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हाईवे पर धूल फांकने को मजबूर हैं वाहन चालक
हाईवे पर धूल फांकने को मजबूर हैं वाहन चालक
Updated Sun, 06 Nov 2016 12:47 AM IST
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कोहरा
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एनएच-2 पर सिक्सलेन प्रोजेक्ट के कारण धूल के गुबार उड़ रहे हैं। हाईवे से गुजरने वाले लोग रोजाना धूल फांकने पर मजबूर हैं। अरतौनी से ही उड़ती धूल और हाईवे किनारे लगे मिट्टी के ढेर राहगीरों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। ताज ट्रिपेजियम जोन में आने के बाद भी शहर में इस प्रदूषण को रोकने के लिए आज तक कोई दिशा-निर्देश एनएचएआई को नहीं दिए गए हैं।
बता दें, नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) द्वारा मथुरा से आगरा तक सिक्स लेन प्रोजेक्ट के तहत हाईवे के चौड़ीकरण का काम पिछले एक साल से चल रहा है। सिक्स लेन के लिए कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण, तो कई स्थानों पर विभिन्न विभागों की अनुमति नहीं मिलने के कारण काम रुका पड़ा है। अरतौनी से लेकर खंदारी तक सिक्सलेन के कारण एक ओर सिक्सलेन के लिए खुदाई कराने के बाद मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। कई टुकड़े समतल भी करा दिए गए हैं। इस मिट्टी का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। ये मिट्टी लोगों को बीमारियां बांट रही हैं। रोजाना हाईवे से गुजरने वाले लोगों को धूल फांकने को मजबूर होना पड़ता है।
उधर, खंदारी, सुल्तानगंज की पुलिया और वाटर वर्क्स चौराहों पर निर्माणाधीन फ्लाईओवरों की मिट्टी भी अभी तक पड़ी हुई है। निर्माणदायी एजेंसियां इस मिट्टी का उपयोग पुल निर्माण में कर रही हैं। इस कारण मिट्टी नहीं हटाई जा रही है। खंदारी पर एप्रोच रोड बनाने के लिए खासी खुदाई करवाई गई है। इसकी मिट्टी भी नहीं हटवाई जा रही है।
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ट्रांसपोर्ट चैंबर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता का कहना है कि हाईवे पर दोपहिया वाहन से चलना मुश्किल हो गया है। पूरे दिन धूल उड़ती है। इससे दमा और अस्थमा से पीड़ित लोगों को परेशानियां बढ़ रही हैं।
मिट्टी का जल्द निस्तारण होगा
सिक्सलेन प्रोजेक्ट की बाधाएं दूर करने के लिए जल्द ही सभी विभागों की संयुक्त बैठक हो रही है। इसके बाद सिक्सलेन की मिट्टी को खपाने का काम तेज हो जाएगा।
-मोहम्मद शफी, प्रोजेक्ट निदेशक, एनएचएआई, फरीदाबाद
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बता दें, नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) द्वारा मथुरा से आगरा तक सिक्स लेन प्रोजेक्ट के तहत हाईवे के चौड़ीकरण का काम पिछले एक साल से चल रहा है। सिक्स लेन के लिए कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण, तो कई स्थानों पर विभिन्न विभागों की अनुमति नहीं मिलने के कारण काम रुका पड़ा है। अरतौनी से लेकर खंदारी तक सिक्सलेन के कारण एक ओर सिक्सलेन के लिए खुदाई कराने के बाद मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। कई टुकड़े समतल भी करा दिए गए हैं। इस मिट्टी का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। ये मिट्टी लोगों को बीमारियां बांट रही हैं। रोजाना हाईवे से गुजरने वाले लोगों को धूल फांकने को मजबूर होना पड़ता है।
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उधर, खंदारी, सुल्तानगंज की पुलिया और वाटर वर्क्स चौराहों पर निर्माणाधीन फ्लाईओवरों की मिट्टी भी अभी तक पड़ी हुई है। निर्माणदायी एजेंसियां इस मिट्टी का उपयोग पुल निर्माण में कर रही हैं। इस कारण मिट्टी नहीं हटाई जा रही है। खंदारी पर एप्रोच रोड बनाने के लिए खासी खुदाई करवाई गई है। इसकी मिट्टी भी नहीं हटवाई जा रही है।
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ट्रांसपोर्ट चैंबर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता का कहना है कि हाईवे पर दोपहिया वाहन से चलना मुश्किल हो गया है। पूरे दिन धूल उड़ती है। इससे दमा और अस्थमा से पीड़ित लोगों को परेशानियां बढ़ रही हैं।
मिट्टी का जल्द निस्तारण होगा
सिक्सलेन प्रोजेक्ट की बाधाएं दूर करने के लिए जल्द ही सभी विभागों की संयुक्त बैठक हो रही है। इसके बाद सिक्सलेन की मिट्टी को खपाने का काम तेज हो जाएगा।
-मोहम्मद शफी, प्रोजेक्ट निदेशक, एनएचएआई, फरीदाबाद