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Hathras Accident: कैसे जी पाएगा परिवार, पहले नहीं देखा ऐसा मंजर...छलक पड़े लोगों के आंसू
Sun, 08 Sep 2024 09:05 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 08 Sep 2024 09:05 AM IST
सार
गांव सैमरा में जनाजे निकले तो घरों के गेट पर खड़े लोगों की आंखों से भी आंसू निकल आए। ये मंजर हर किसी के दिल को झकझोर रहा था।
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Hathras Road Accident
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के गांव सैमरा में 14 लोगों का जनाजा एक साथ निकला। प्राथमिक विद्यालय से कब्रिस्तान की दूरी 700 मीटर थी। जनाजे गलियों से होकर गए तो लोग अपने-अपने गेट पर भी आ गए। उनकी भी आंखों से आंसू निकल आए। हर किसी की जुबां पर यह था कि अब कैसे जी पाएगा परिवार, कभी नहीं देखा ऐसा मंजर।
गांव के हसनैन खां ने बताया कि हादसा बेहद दुखद है। पीड़ित परिवार के साथ पूरा गांव है। प्रदीप चाैहान ने बताया कि महिलाएं बेहाल थीं। उनका दर्द देखकर आंसू निकल आए। गांव में कभी ऐसा हादसा नहीं देखा था। कुलदीप चाैहान ने बताया कि रात में पीड़ित परिवार के लिए पेयजल, बैठने का इंतजाम किया। शव रखने के लिए स्कूल का ताला नहीं खुला तो घरों से चारपाई लेकर आए। शवों को चारपाई पर रखते गए।
राधे चाैहान ने बताया कि रात से ही गांव में लोग आने लगे थे। उनके लिए लिए टार्च लेकर पहुंच गए थे। रोशनी का भी इंतजाम अलग से किया। टेंट भी लगवाया गया। पूरा गांव पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।
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गांव के हसनैन खां ने बताया कि हादसा बेहद दुखद है। पीड़ित परिवार के साथ पूरा गांव है। प्रदीप चाैहान ने बताया कि महिलाएं बेहाल थीं। उनका दर्द देखकर आंसू निकल आए। गांव में कभी ऐसा हादसा नहीं देखा था। कुलदीप चाैहान ने बताया कि रात में पीड़ित परिवार के लिए पेयजल, बैठने का इंतजाम किया। शव रखने के लिए स्कूल का ताला नहीं खुला तो घरों से चारपाई लेकर आए। शवों को चारपाई पर रखते गए।
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राधे चाैहान ने बताया कि रात से ही गांव में लोग आने लगे थे। उनके लिए लिए टार्च लेकर पहुंच गए थे। रोशनी का भी इंतजाम अलग से किया। टेंट भी लगवाया गया। पूरा गांव पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।
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