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हरे रामा भींजत मोरी चुनरिया, ठाड़ी हों खोलो ना किवरिया
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आलीपुर खेड़ा । कस्बा स्थित कल्याण वाटिका में चल रहे तीन दिवसीय कजरी महोत्सव में बुधवार को कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। प्रियंका ने हरे रामा भींजत मोरी चुनरिया, ठाड़ी हों खोलो ना किवरिया गीत सुनाकर समां बांध दिया।
संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और विद्या बाल कल्याण सेवा सदन मैनपुरी के तत्वाधान में आयोजित महोत्सव में दूसरे दिन कलाकारों ने लोकगीत के साथ नृत्य का भी प्रदर्शन किया। उद्घाटन जिला ग्रामोद्योग अधिकारी पवन यादव ने फीता काटकर किया। हरेंद्र तिवारी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। राजेश्वरी त्यागी ने कजरी गीत- कन्हैया तुझे कैसे भुलाऊं, सीमा शर्मा ने हरे रामा सावन में बरसे बदरिया, लक्ष्मी ने गिरी गिरी आई सावन की बदरिया, कृति ने काहे करेलू गुमान, आया सावन बड़ा मनभावन गाकर विलुप्त हो रहे इन लोकगीत को जीवंत कर दिया। शिखा त्रिपाठी ने नृत्य की प्रस्तुति देकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। रामानंद पाठक, जितेंद्र पांडेय, सुनील भार्गव, लड्डू प्रसाद ने कजरी गायन और शमशाद, हैप्पी, राजू, अनिलेश, गिरिजा, शिवम ने नृत्य की प्रस्तुतियां देकर समा बांध दिया।
इस मौके पर रामदास कश्यप, हुकम सिंह राजपूत, अब्बल सिंह, इंद्रपाल राजपूत, अखिलेश यादव, देवेंद्र सिंह राजपूत, नवल पांडेय, सवल पांडेय, कासिम खां, अभिलाख राजपूत, सुनील राजपूत शोयब इलाही, महफूज, आसिफ, अफाक खां आदि मौजूद रहे।
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संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और विद्या बाल कल्याण सेवा सदन मैनपुरी के तत्वाधान में आयोजित महोत्सव में दूसरे दिन कलाकारों ने लोकगीत के साथ नृत्य का भी प्रदर्शन किया। उद्घाटन जिला ग्रामोद्योग अधिकारी पवन यादव ने फीता काटकर किया। हरेंद्र तिवारी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। राजेश्वरी त्यागी ने कजरी गीत- कन्हैया तुझे कैसे भुलाऊं, सीमा शर्मा ने हरे रामा सावन में बरसे बदरिया, लक्ष्मी ने गिरी गिरी आई सावन की बदरिया, कृति ने काहे करेलू गुमान, आया सावन बड़ा मनभावन गाकर विलुप्त हो रहे इन लोकगीत को जीवंत कर दिया। शिखा त्रिपाठी ने नृत्य की प्रस्तुति देकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। रामानंद पाठक, जितेंद्र पांडेय, सुनील भार्गव, लड्डू प्रसाद ने कजरी गायन और शमशाद, हैप्पी, राजू, अनिलेश, गिरिजा, शिवम ने नृत्य की प्रस्तुतियां देकर समा बांध दिया।
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इस मौके पर रामदास कश्यप, हुकम सिंह राजपूत, अब्बल सिंह, इंद्रपाल राजपूत, अखिलेश यादव, देवेंद्र सिंह राजपूत, नवल पांडेय, सवल पांडेय, कासिम खां, अभिलाख राजपूत, सुनील राजपूत शोयब इलाही, महफूज, आसिफ, अफाक खां आदि मौजूद रहे।
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