इस जेल के कैदी पढ़ेंगे हेयर कटिंग की पढ़ाई, टीचर होंगे मशहूर हेयर डिजाइनर जावेद हबीब
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जेल से निकलने के बाद हाथ में कैंची होगी और वह उनके रोजगार का जरिया बनेगी। ऐसा ही कुछ मानना है मशहूर हेयर डिजाइनर जावेद हबीब का। वे आगरा जेल में अपने नाम से बंदी पुनर्वास एवं प्रशिक्षण सैलून के उद्घाटन समारोह में शनिवार को पहुंचे थे।
हेयर डिजाइनर जावेद हबीब ने कहा कि यहां बहुत जल्दी ही एक स्कूल खोलेंगे। उसमें एक महीने का प्रशिक्षण बंदियों को दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के दौरान बताया जाएगा कि बाल काटना साइंस कैसे हो सकता है। प्रशिक्षित बंदियों को एक महीने के प्रशिक्षण का जावेद हबीब प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा।
जावेद हबीब ने बताया कि हमारा मकसद जेल से बाहर निकलने वालों के हाथ में रोजगार देना है। वह कैंची को अपना रोजगार बनाए। हेयर कटिंग की फील्ड बहुत बड़ी है। हाथों में रोजगार होगा, तो वह अपराध को भूल जाएंगे। उन्होंने हेयर कटिंग को एजुकेशन से जोड़कर बताया।
मशहूर हेयर डिजाइनर जावेद हबीब का कहना है कि उनकी पाठशाला में उनका एक ट्रेनर मौजूद रहेगा। बाकी का काम वे बंदियों से ही कराएंगे। वे भी लगातार मॉनिटरिंग करते रहेंगे। प्रदेश की पहली आगरा की जेल होगी, जहां हेयर कटिंग का स्कूल नामीगिरामी हस्ती खोलने जा रहे हैं।
हेयर डिजाइनर ने शनिवार को जावेद हबीब बंदी पुनर्वास एवं प्रशिक्षण सैलून का उद्घाटन किया। इस मौके पर एसएसपी अमित पाठक के बाल भी काटे। उन्होंने अपने बाल भी कटवाए और कुछ टिप्स दिए। एसएसपी अमित पाठक ने इस पहल को सराहा और जावेद हबीब को नेक काम के लिए धन्यवाद दिया। इस मौके पर नजीर अहमद समेत जेल के अधिकारी मौजूद रहे।