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स्कूल प्रशासन ने आत्महत्या के प्रयासों की नहीं दी कोई जानकारी
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गंजडुंडवारा (कासगंज)।
गंजडुंडवारा पीजी कालेज बीएड के छात्र की मौत के मामले में कालेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर छात्र के पिता ने सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि छात्र सचिन के आत्महत्या करने के प्रयास की जानकारी अगर उन्हें मिल गई होती तो हो सकता है उसकी जान बच जाती। छात्र के पिता मथुरा प्रसाद गंगवार ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात में 8:30 बजे सचिन से उनकी बात हुई थी। सब कुछ सामान्य था।
उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब छात्र ने बृहस्पतिवार की रात्रि को रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की तो इसकी जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई। यदि घटना की जानकारी मिल गई होती तो शायद वह बेटे के पास आकर उसे बचा लेते। पिता मथुरा प्रसाद गंगवार बेटे की मौत से बेहद व्यथित थे। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि उनका बेटा बीमार था, लेकिन वह अभी सही था। उन्होंने बताया कि 4 दिन पूर्व ही वह दवा लेकर वापस आया था। उससे सामान्य तौर पर बातचीत हो रही थी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि बेटे की मौत का कारण स्पष्ट होना चाहिए और उसे न्याय मिलना चाहिए। फिलहाल पिता ने कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी है। उधर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शेखर शर्मा ने बताया कि रात के समय जो खुदकुशी का प्रयास किया था, उस संबंध में छात्रावास के छात्रों ने कोई जानकारी नहीं दी थी। सुबह 11 बजे ही इसके बारे में बताया गया। जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोगों को सूचना दे दी गई।
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गंजडुंडवारा पीजी कालेज बीएड के छात्र की मौत के मामले में कालेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर छात्र के पिता ने सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि छात्र सचिन के आत्महत्या करने के प्रयास की जानकारी अगर उन्हें मिल गई होती तो हो सकता है उसकी जान बच जाती। छात्र के पिता मथुरा प्रसाद गंगवार ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात में 8:30 बजे सचिन से उनकी बात हुई थी। सब कुछ सामान्य था।
उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब छात्र ने बृहस्पतिवार की रात्रि को रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की तो इसकी जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई। यदि घटना की जानकारी मिल गई होती तो शायद वह बेटे के पास आकर उसे बचा लेते। पिता मथुरा प्रसाद गंगवार बेटे की मौत से बेहद व्यथित थे। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि उनका बेटा बीमार था, लेकिन वह अभी सही था। उन्होंने बताया कि 4 दिन पूर्व ही वह दवा लेकर वापस आया था। उससे सामान्य तौर पर बातचीत हो रही थी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि बेटे की मौत का कारण स्पष्ट होना चाहिए और उसे न्याय मिलना चाहिए। फिलहाल पिता ने कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी है। उधर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शेखर शर्मा ने बताया कि रात के समय जो खुदकुशी का प्रयास किया था, उस संबंध में छात्रावास के छात्रों ने कोई जानकारी नहीं दी थी। सुबह 11 बजे ही इसके बारे में बताया गया। जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोगों को सूचना दे दी गई।
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